Kohramlive : मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव की आहट ने भारत के आसमान तक हलचल पहुंचा दी है। एहतियातन कदम उठाते हुये भारत सरकार ने देश के तमाम प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों को अलर्ट मोड पर रख दिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को जरा भी असुविधा न हो। संभावित फ्लाइट डायवर्जन और अनियोजित लैंडिंग की आशंका को देखते हुये सभी एयरपोर्ट ऑपरेटरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ग्राउंड हैंडलिंग, पार्किंग बे, इमिग्रेशन सहायता और क्रू लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के निर्देश दिये गये हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी और निजी हवाईअड्डों को हर परिस्थिति में यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। नई दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू की अध्यक्षता में अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, डीजीसीए, एयरलाइन ऑपरेटरों और प्रमुख एयरपोर्ट संचालकों ने भाग लिया। मध्य-पूर्व में ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद बने अस्थिर हालात और एयरस्पेस प्रतिबंधों के संभावित असर पर विस्तार से मंथन किया गया।
In view of the evolving situation in the Middle East and its potential impact on international air operations, Minister of Civil Aviation Ram Mohan Naidu has undertaken a comprehensive review of preparedness and response measures with all concerned stakeholders.
The review… pic.twitter.com/PAiVbWBuxw
— ANI (@ANI) February 28, 2026
एयरस्पेस बंद, उड़ानों पर असर
कई खाड़ी देशों में एयरस्पेस प्रतिबंध लागू कर दिया गया। वैश्विक स्तर पर उड़ानों की रीरूटिंग की स्थिति एवं भारतीय एयरलाइनों को नोटाम और सुरक्षा एडवाइजरी पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिये गये हैं। जरूरत पड़ने पर उड़ानों को रीरूट या डायवर्ट करने की तैयारी रखने को कहा गया है। तनावपूर्ण हालात के बीच एयर इंडिया और इंडिगो ने खाड़ी देशों के लिये कई उड़ानें रद्द या स्थगित कर दी हैं। एक उड़ान जो तेल अवीव जा रही थी, उसे बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। एयर इंडिया ने साफ कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा विकल्प या पूरा रिफंड दिया जायेगा। वहीं, खबर है कि लंबी दूरी की उड़ानों की अवधि बढ़ सकती है। ईंधन लागत और ऑपरेशनल खर्च में इजाफा संभव है। घरेलू उड़ानों के शेड्यूल पर भी असर पड़ सकता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय लगातार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों या विमानों से जुड़े किसी भी आकस्मिक हालात में त्वरित कार्रवाई हो सके।
यात्रियों के लिये जरूरी सलाह
- यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांचें।
- एयरलाइन से नियमित संपर्क में रहें।
- देरी, रीरूटिंग या रद्दीकरण की सूचना समय पर लें।












