Chouparan : हजारीबाग के चौपारण की जीटी रोड पर आज जाम ही जाम था। महूदी मोड़ के पास रोज लगने वाला जाम रविवार को देखते ही देखते महाजाम में बदल गया। पांडेयबारा से चौपारण और सियरकोनी तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क पर पहिये थे, लेकिन रफ्तार गायब थी। दोपहर से देर शाम तक चतरा मोड़ के आसपास जहां-तहां फंसे वाहन और बेतरतीब यातायात ने लोगों की परेशानी बढ़ाये रखी।
चार किलोमीटर, पांच घंटे!
जाम में फंसे राहगीरों और यात्रियों की हालत ऐसी रही कि कुछ किलोमीटर का रास्ता तय करने में ही घंटों निकल गये। जो सफर सामान्य दिनों में कुछ ही मिनटों का होता है, उसके लिये लोगों को चार से पांच घंटे सड़क पर गुजारने पड़े। स्थानीय चौपारण के लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। बाजार और आसपास के इलाकों में आने-जाने वालों की परेशानी दिनभर बनी रही। महूदी फ्लाईओवर के दोनों तरफ सड़क निर्माण कंपनी की ओर से बनाये गये डायवर्जन की हालत जाम की सबसे बड़ी वजह बनती दिखी। डायवर्जन कहीं गड्ढों में तब्दील है, तो कहीं रास्ता इतना संकरा है कि वाहनों को निकलने में भारी परेशानी हो रही है। ऊपर से जीटी रोड पर जगह-जगह अधूरा निर्माण कार्य। नतीजा, एक जगह गाड़ी रुकी और देखते ही देखते पीछे वाहनों की कतार बढ़ती चली गई।
न ट्रैफिक कर्मी, न पुख्ता इंतजाम
स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण कंपनी की ओर से यातायात को नियंत्रित करने या सुरक्षा के लिये कोई कर्मी तैनात नहीं किया गया है। जाम से निकलने की जल्दबाजी में कुछ चालकों ने गलत दिशा में वाहन घुसा दिये। फिर क्या था, सड़क पर वाहनों की आवाजाही एक-दूसरे के सामने आ गई और यातायात पूरी तरह लॉक हो गया। लोग सड़क पर खड़े रहे और जाम खुलने का इंतजार करते रहे। जाम लगने के काफी देर बाद तक पुलिस प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी नजर नहीं आई। हालांकि, देर शाम पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर यातायात व्यवस्था संभालने और जाम हटाने का प्रयास शुरू किया। अब हालत ऐसी हो गई है कि चौपारण से बरही या बरही से चौपारण जाना हो तो स्थानीय लोगों के लिये अब सिर्फ दूरी मायने नहीं रखती, जाम का अंदाजा भी लगाना पड़ता है। राहगीरों का कहना है कि समय पर गंतव्य तक पहुंचने के लिये उन्हें सामान्य दिनों की तुलना में एक से दो घंटे पहले घर से निकलना पड़ रहा है।लोगों की मांग है कि डायवर्जन को तत्काल दुरुस्त किया जाये। गड्ढों को भरकर सड़क को सुरक्षित बनाया जाये। निर्माणाधीन हिस्सों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था हो। जीटी रोड पर स्थायी रूप से यातायात पुलिस की तैनाती की जाये। निर्माण कार्य के दौरान वाहनों की आवाजाही के लिये स्पष्ट और सुरक्षित व्यवस्था बनाई जाये।







