Kohramlive : अदियाला जेल में मंगलवार को उम्मीद की एक छोटी-सी खिड़की खुली। पाकिस्तान सरकार ने लम्बे इन्तजार के बाद आखिरकार इमरान खान की बहन डॉ. उजमा खान को उनसे मिलने की इजाजत दे दी। 2023 से जेल की कैद में सिमटे इमरान खान से यह मुलाकात मानो कई महीने से रुकी धड़कनों को नई सांस देने जैसा क्षण था। जेल गेट से बाहर निकलते वक्त कैमरों की चकाचौंध के बीच भी उजमा की आंखों में एक अलग ही थकान थी, उन्होंने कहा इमरान खान का स्वास्थ्य ठीक है, लेकिन उन्हें जेल में परेशान किया जा रहा है, पूरे दिन सेल में बंद रखा जा रहा है। पिछले एक महीने से किसी भी परिजन को मुलाकात की इजाजत नहीं थी। इसी चुप्पी ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी, इमरान खान जिंदा भी हैं या नहीं, यह सवाल पाकिस्तान की जनता को रात-भर जगाये रख रहा था। हालांकि जेल प्रशासन हर बार यही कहता रहा, “उनकी सेहत बिल्कुल ठीक है।” मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि जेल प्रशासन ने खुद डॉ. उजमा को बुलावा भेजा। जेल परिसर के अंदर यह मुलाकात हुई, जबकि बाहर अदियाला रोड पर इमरान समर्थक हजारों की संख्या में जमा थे। हर नजर इसी इंतजार में, बहन क्या बताकर निकलेंगी? भाई की हालत कैसी है? पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने बयान जारी किया कि “सरकार ने उजमा को मिलने की इजाजत दी है, लेकिन हमें यकीन नहीं कि वे अपने वादे पर कायम रहेंगे।”
उधर पंजाब सरकार भी किसी संभावना को हल्के में नहीं ले रही। पूरी रावलपिंडी पुलिस फोर्स अदियाला रोड पर तैनात कर दी गई। रावलपिंडी और इस्लामाबाद में धारा 144 पहले ही लागू है। 8 किलोमीटर का इलाका सील,
स्कूल–कॉलेज बंद, आवाजाही पर सख्त निगरानी की जा रही है। आईडी कार्ड दिखाना जरूरी है। वकीलों का एक ग्रुप इमरान को आइसोलेशन में रखने के खिलाफ प्रदर्शन के लिये इस्लामाबाद हाई कोर्ट पहुंच गया। गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने साफ कहा कि धारा 144 का उल्लंघन किया तो कार्रवाई तय है, चाहे कोई भी हो। इस पूरे माहौल में सबसे करारी पुकार इमरान खान के बेटे कासिम खान की रही। उन्होंने X पर लिखा, “हम उनके जिंदा होने का सबूत मांगते हैं।”






