Kohramlive : हममें से कई लोग काम शुरू करने की सोचते है, पर कहते हैं, “अभी नहीं, कल कर लेंगे”। यही आदत प्रोकास्टिनेशन कहलाती है। अक्सर हम इसे सिर्फ आलस या अनुशासन की कमी समझते हैं, जबकि कई मामलों में इसका सीधा संबंध आपके शरीर में विटामिन–मिनरल की कमी से होता है। आइए जानें, कौन-से पोषक तत्त्वों की कमी काम टालने की आदत बढ़ा सकती है..
आयरन की कमी (एनीमिया)
- शरीर को ऑक्सीजन नहीं पहुंचती
- लगातार थकान, सुस्ती और काम करने की ऊर्जा नहीं बचती
- नतीजा – काम शुरू करने का मोटिवेशन ही नहीं बनता
विटामिन B12 की कमी
- दिमाग में ब्रेन फॉग (धुंधलापन)
- एकाग्रता बिगड़ती है, काम मुश्किल लगता है
- इसलिए टालना आसान, करना मुश्किल लगता है
मैग्नीशियम और ओमेगा-3 की कमी
| पोषक तत्व | असर |
|---|---|
| मैग्नीशियम | तनाव, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी → काम करने की इच्छा खत्म |
| ओमेगा-3 | मूड और दिमागी स्वास्थ्य बिगड़ता → प्रोकास्टिनेशन बढ़ता |
विटामिन D की कमी
- थकान, लो-मूड, डिप्रेशन जैसी भावनाएँ
- खुद को low-energy और inspiration-less महसूस करना
- और हम कहते हैं – “मन नहीं कर रहा…”
क्या करें?
- सबसे पहले किसी भी सप्लीमेंट से पहले डॉक्टर से सलाह लें
- संभव हो तो ब्लड टेस्ट कराएं, ताकि असली कमी पता चल सके
- संतुलित डाइट, धूप, पर्याप्त नींद और हल्की फिजिकल एक्टिविटी से शुरुआत करें
याद रखिए, हर बार काम टालना सिर्फ आदत नहीं, कभी-कभी यह आपके शरीर की SOS कॉल भी हो सकती है!












