Kohramlive : बदलती जीवनशैली, ज्यादा जंक फूड्स खाना और शारीरिक गतिविधियों के चलते लोगों खासकर महिलाओं में थायराइड की दिक्कत बढ़ती जा रही है। रांची के कुछ जाने-माने डॉक्टरों का कहना है कि थायरॉइड एक छोटी सी तितली के आकार की ग्रंथि है जो गर्दन के सामने एडम्स एप्पल के ठीक नीचे पाई जाती है। यह शरीर के एंडोक्राइन सिस्टम के लिए जरूरी है, क्योंकि यह हार्मोन बनाती है। जो मेटाबॉलिज्म, वृद्धि और विकास को कंट्रोल करता है। थायराइड का पहला और मुख्य काम शरीर की मेटाबॉलिज्म रेट को कंट्रोल करना है। शरीर की मेटाबॉलिज्म रेट को कंट्रोल करने के लिए यह T4 (थायरोक्सिन) और T3 (ट्राईआयोडोथायरोनिन) हार्मोन का उत्पादन करता है जो शरीर में कोशिकाओं को एनर्जी तक देता है। थायरॉइड को नजरअंदाज करना हार्ट डिजीज और बांझपन जैसी घातक समस्याओं को न्योता देता है।
थायराइड से होने वाली समस्याओं को दो प्रकार में बांटा जा सकता है। यदि थायराइड हार्मोन का उत्पादन आवश्यक स्तर से अधिक हो जाता है तो स्थिति को हाइपरथायरायडिज्म कहा जाता है और जब थायराइड हार्मोन सामान्य स्तर से कम होता है, तो इसे हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है।
लक्षण
- बहुत जल्दी थकान महसूस करने लगेंगे।
- शरीर का वजन अचानक बढ़ने लगता है।
- पसीना खूब आने लगेगा।
- गर्दन में सूजन आ जाती है।
- बाल झड़ने शुरू हो सकते हैं।
- शरीर का तापमान एक साथ बढ़ता या घटता है।
- त्वचा शुष्क हो जाती है।
- पैर और बांह में दर्द।
- हाथों में झुनझुनी।
- अनियमित मासिक धर्म।
- मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, वहीं हाथ कांपने लगते हैं।
- आंखों में दिक्कत।
- बोमेटिंग सिस्टम फिलिंग होने लगेगा।
- शरीर में थायराइड हार्मोन बढ़ जाता है तो शरीर का वजन भी कम हो जाता है।
डिस्क्लेमर: यह सामान्य जानकारी केवल पढ़ने के लिए है। kohram live.com इस जानकारी की वैज्ञानिक वैधता के संबंध में कोई पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।












