Madhubani : माथे पर दुपट्टा रखने लायक भी नहीं छोड़ा बेटी को। 16 साल की बाली उम्र की बेटी हर पल डर के साये में जीती थी। हर रोज बाप उसके साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश करता था। उसकी सौतेली मां इस पाप में अपने पति को सपोर्ट करती थी। प्रतिरोध करने पर किशोरी को मारा-पीटा जाता था। जुल्म की हद तब हो गयी जब एक रोज सौतली मां खौलता हुआ गर्म पानी उसके बदन पर डाल दी। उसके बदन पर कई जगह फफोले पड़ गए। जान और आबरू को खतरे में देख एक रोज किशोरी घर से भाग गयी। भटकती हालत में वह कमतौल में चाइल्ड हेल्प लाइन से जुड़े लोगों से मिली। इसके बाद हेल्पलाइन के लोगों ने मिथिला जागरूकता अभियान फाउंडेशन की संचालिका बिट्टू कुमारी मिश्रा को सबकुछ बताया। किशोरी का दुखड़ा सुन उसे जयनगर के बालिका गृह में भेजा गया।
गर्म पानी से जली और कई दिनों की भूखी किशोरी का पहले इलाज कराया गया और उसे भर पेट खाना खिलाया गया। इस बिटिया की दुख भरी दास्तां जान सुन गांव के कुछ लोगों ने पुलिस प्रशासन से दोषी बाप और सौतेली मां को दंडित करने की मांग रखी है। वहीं इन्हें जमकर कोसा। कुछ लोगों ने बस इतना कहा घिन्न आती है ऐसे बाप पर। यह घृणित वाक्या मधुबनी के हरलाखी थाना क्षेत्र के मांगपट्टी गांव से छनकर सामने आया है।
मधुबनी से हमारी रिपोर्टर ने बताया कि अब तक जो बाते सामने आई है, उसके अनुसार बुरी नजर रखने वाला बाप और सौतेली मां के ज़ुल्मों सितम से आजीज होकर वह घर से भाग गयी। जमाने के लोगों ने पहले तो उसे पागल समझकर खूब अनाब-सनाब बोला। इस पर किशोरी खूब रोने लगी और लोगों से कहा- मै पागल नहीं हूं.. मेरी मां नहीं है.. सौतेली मां है। बाप है, पर बुरी नज़रों से हमेशा घूरता है। लाज खतरे में थी इस कारण घर छोड़ देना बेहतर समझी। यह बोल किशोरी फूट-फूट कर रोने लगी। रोते-रोते उसने बदन पर पड़े फफोले तक दिखाए। तब लोगों को यकीन हो गया और जिसे कुछ देर पहले तक पागल समझ दुत्कार रहे थे, उसे गले लगा लिया। कुछ घंटे के प्रयास में ही उसका नया आश्रय ढूंढ निकाला। डरी सहमी किशोरी की ज़िंदगी में फरिश्ता बनकर आयी बिट्टू कुमारी मिश्रा।
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