UP : मैनपुरी की मिट्टी में कभी रिश्तों की खुशबू थी, मगर अब यहां खून की बू फैली हुई है। शादी के मंडप में हाथों की मेहंदी सूखी भी नहीं थी कि पत्नी ने पति को मौत के घाट उतारने की सुपारी दे दी। और तो और, जिसे समाज ने मुंह दिखाई की रस्म में नवाजा था, उसी रकम को हत्यारों की हथेली पर रख दिया। सात फेरों के सात वचनों की जगह, सात गोलियों का सौदा हो गया। मैनपुरी के नगला दीपा गांव की रहने वाली प्रगति की शादी धूमधाम से हुई थी। जिस घर में बैंड-बाजे गूंजे थे, वहां कुछ ही दिनों में मातम पसर गया। दरअसल, प्रगति पहले से ही अपने प्रेमी अनुराग उर्फ बबलू उर्फ मनोज यादव से प्यार करती थी। लेकिन घरवालों ने यह रिश्ता नामंजूर कर दिया और जबरन उसकी शादी हाइड्रा चालक दिलीप कुमार (24) से कर दी। शादी तो हो गई, मगर प्रगति का दिल अब भी अनुराग के लिये धड़कता रहा। उसने ठान लिया कि वह इस रिश्ते को अपने तरीके से खत्म करेगी। यूपी के मैनपुरी में हुई यह वारदात अब कानाफुसी का विषय बन गया।
मुंह दिखाई में मिले पैसों से लिखी खौफनाक कहानी
शादी के बाद दुल्हन को मुंह दिखाई की रस्म में हजारों-लाखों रुपये और गहने मिलते हैं। लेकिन कौन जानता था कि यही पैसे दिलीप की मौत की सुपारी के लिये इस्तेमाल होंगे। प्रगति ने मुंह दिखाई में मिले 1 लाख रुपये एडवांस में देकर शूटर हायर कर लिये और बाकी 1 लाख का वादा कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिलीप अपने हाइड्रा ट्रक से कन्नौज के उमर्दा इलाके से लौट रहा था। रास्ते में पलिया गांव के पास घात लगाये बैठे शूटरों ने पहले दिलीप की बेरहमी से पिटाई की और फिर सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी। उसे मरा समझकर गेहूं के खेत में फेंक दिया गया। लेकिन किस्मत का खेल देखिये, वह जिंदा बच गया और अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, 21 मार्च को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस ऐसे पहुंची कातिल पत्नी तक
दिलीप की हत्या कोई साधारण मामला नहीं था। पुलिस की टीम लगातार सुराग खंगाल रही थी और CCTV फुटेज ने पूरा खेल उजागर कर दिया। व्हाट्सएप कॉल सबूत बन गया। प्रगति ने दिलीप से व्हाट्सएप पर लोकेशन पूछी और तुरंत अनुराग को खबर दी। अनुराग ने इसे शूटरों तक पहुंचाया। CCTV फुटेज में पुलिस को अहम सुराग मिले। अनुराग कैमरे में कैद हो गया। ढाबे के पास ठहरे दिलीप को जबरन ले जाने की तस्वीरें भी कैमरों में दर्ज हो गईं। जब पुलिस को सूचना मिली कि हरपुरा इलाके में सुपारी के बचे हुये पैसों का लेन-देन हो रहा है, तो उन्होंने छापा मारा और प्रगति, अनुराग व शूटर रामजी नागर को गिरफ्तार कर लिया।
जब टूटा प्यार का नकाब, फूट-फूटकर रोई प्रगति
पुलिस थाने में जब प्रगति को सख्ती से पूछा गया कि उसने ऐसा क्यों किया, तो पहले तो वह सब झुठलाती रही। लेकिन जब सबूत उसके सामने रखे गये, तो उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े। “मैं दिलीप से खुश नहीं थी… मुझे अनुराग से शादी करनी थी… इसलिए रास्ते से हटा दिया,” उसने कबूल किया। खबर है कि दिलीप के परिवार के पास 12 हाइड्रा और 10 क्रेन थीं। वह औरैया-कन्नौज के इलाके में अच्छा कारोबार कर रहा था। वहीं, प्रगति का परिवार भी कम नहीं था। उज्जैन में एक स्कूल चलता था। लेकिन दौलत होते हुये भी रिश्तों का दीवालियापन ही इस खूनी वारदात की वजह बना। इस बीच मैनपुरी SP अभिजित आर. शंकर ने बताया, “शादी से नाखुश पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी। तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं, बाकी की तलाश जारी है।”














