Kohramlive : अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में 3-0 की शर्मनाक हार के बाद जब टीम अपने वतन लौटी तो तालियों की जगह गुस्से की आवाजें में हूटिंग घुली और कुछ गाड़ियों पर पत्थर भी बरसाये गये। कप्तान मेहदी हसन मिराज की टीम पहले मैच में 5 विकेट, दूसरे में 81 रन और तीसरे में पूरे 200 रन से हार गई। यह अफगानिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश की सबसे बड़ी और सबसे दर्दनाक सीरीज हार मानी जा रही है। इससे पहले टी20 में इसी टीम ने अफगानिस्तान को 3-0 से रौंदा था, लेकिन इस बार किस्मत ने जैसे करवट ही बदल ली। जैसे ही खिलाड़ी हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचे, माहौल अचानक गरम हो गया। नारों की गूंज में हूटिंग घुली और कुछ गाड़ियों पर पत्थरबाजी हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को अतिरिक्त सुरक्षा का इंतजाम करना पड़ा। यह वही ढाका था, जहां जीत पर जश्न का समंदर उमड़ता है। लेकिन इस बार वही सड़कें खिलाड़ियों के लिये कांटों की राह बन गई। मोहम्मद नईम शेख ने सोशल मीडिया पर एक टूटे दिल से आवाज लगाई, “हम सिर्फ खेलते नहीं, देश के नाम से लड़ते हैं। झंडे का रंग हमारे खून में दौड़ता है। हार हमें तोड़ नहीं सकती, पर नफरत जख्म जरूर दे जाती है।” नईम ने लिखा, “हम इंसान हैं, गलती हो सकती है। मेहनत में कमी कभी नहीं की। आलोचना स्वीकार है, पर पत्थर नहीं।” अंत में उन्होंने अपील की कि “हम सब एक ही झंडे के बच्चे हैं। हमें नफरत नहीं, हौसला दो। हम फिर लौटेंगे और झंडे को झुकने नहीं देंगे।”
आहत क्रिकेटर का पोस्ट, हमें नफरत नहीं, हौसला दो, झंडे को झुकने नहीं देंगे…
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