Kohramlive : अफ्रीका की सुनहरी धूप, जोहानिसबर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन के पहले ही दिन ऐसा कूटनीतिक रंग बिखेरा कि दुनिया के नेता भी इस अपनत्व की खुशबू से खुद को रोक न सके। जोहनिसबर्ग के व्यस्त माहौल में प्रधानमंत्री मोदी जब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मिले तो दो देशों की मित्रता का भावनाओं से भरा नया अध्याय था। दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी और स्वच्छ ऊर्जा—इन पांच स्तंभों पर रिश्तों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जाहिर की। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला और PM मोदी की मुलाकात तो जैसे एक परिवार के सदस्य से गले लगने जैसा था। अफ्रीकी धरती से प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को भविष्य का रास्ता दिखाया, एक ऐसा विकास मॉडल, जो प्रकृति से तालमेल रखे, गरीब को हाशिये से उठाये और हर राष्ट्र को बराबरी का हक दे। मोदी ने तीन बड़ी वैश्विक पहल पर जोर दिया। जैसे, ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी, दुनिया भर के पारंपरिक ज्ञान को सुरक्षित रखने और विज्ञान से जोड़ने की क्रांतिकारी सोच। जी20-अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव, अफ्रीका की युवाशक्ति को रोजगार, नवाचार और प्रौद्योगिकी के नये अवसर देने का संकल्प। ड्रग-आतंक नेटवर्क के खिलाफ वैश्विक पहल, नशे और आतंक के काले गठजोड़ को जड़ से खत्म करने का ऐतिहासिक अभियान। PM मोदी ने साफ कहा, “विकास ऐसा होना चाहिये, जो धरती को न छले और इंसान को न भटके।” इससे पहले जोहानिसबर्ग के होटल में भारतीय समुदाय ने ऐसा स्वागत किया कि मानो भारत की गलियां वहां बस गई हों। बच्चों की गणेश वंदना, महिलाओं की भक्ति सुरभि और 11 राज्यों के लोकनृत्य, यह दृश्य किसी फिल्म की भावनात्मक क्लाइमेक्स जैसा था। PM मोदी ने अभिभूत होकर लिखा “दक्षिण अफ्रीका में भारत की संस्कृति की ऐसी झलक… दिल को छू लेने वाली है।”
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से मोदी की बातचीत बेहद सार्थक रही। दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, आवश्यक खनिजों, व्यापार और निवेश में गहरे सहयोग पर सहमति जताई। अल्बनीज के स्वर में भारत के प्रति सम्मान साफ झलक रहा था। उन्होंने दिल्ली धमाकों और मक्का हादसे पर दुख व्यक्त करते हुये कहा कि भारत के साथ हमारी साझेदारी सिर्फ कूटनीति नहीं, बल्कि भरोसे की बुनियाद पर खड़ी है। मीडिया-टेक दिग्गज नैस्पर्स के चेयरमैन कूस बेकर ने प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात के बाद कहा, “मुझे चौंकाया इस बात ने कि प्रधानमंत्री मोदी को AI और उसकी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव की कितनी गहरी जानकारी है।” भारत में निवेश पर चर्चा और फरवरी की एआई कॉन्फ्रेंस,यह संकेत है कि भारत टेक्नोलॉजी के नए युग को नेतृत्व देने को तैयार है।






