Kohramlive : नेक और पक्के इरादे से बिजनैस शुरू करने वाले वीडियोकॉन के संस्थापक वेणुगोपाल धूत जमीं से आसमां तक छू लिये। देश के अमीरों की लिस्ट में उनका नाम शामिल हो गया। पर, नीयत में खोट आते ही पतन शुरू हो गया। नतीजा अब वो CBI की गिरफ्त में हैं। इससे पहले CBI ने चंदा कोचर और उसके पति दीपक कोचर को भी गिरफ्तार कर लिया।
एक गुमनाम शिकायत से खुला बड़ा राज
इल्जाम है कि ICICI बैंक की EX CEO चंदा कोचर ने बैंक के नियमों को ताक पर रख वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपये का लोन दिया था। धूत ने 2012 में ICICI बैंक से वीडियोकॉन समूह को ऋण मिलने के बाद कथित तौर पर न्यूपॉवर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (NRPL) में करोड़ों रुपये का निवेश किया। लोन मिलने के छह माह बाद धूत ने इस फर्म को चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और दो अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर शुरू किया था। एक गुमनाम शिकायत पर पूरे मामले का खुलासा हो गया। जनवरी 2019 को CBI ने वेणुगोपाल धूत, चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर पर आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया। फरवरी 2019 में ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। बीते सोमवार की सुबह धूत को गिरफ्तार कर लिया गया।
कौन हैं वेनुगोपाल धूत
लगभग 70 साल के वेणुगोपाल धूत का जन्म 30 सितंबर 1951 में हुआ। धूत ने पुणे की कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से हाई ड्रिग्री हासिल किया। वो इलेक्ट्रॉनिक्स और उपकरण निर्माता बहुराष्ट्रीय कम्पनी वीडियोकॉन के वह संस्थापक अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हैं। वीडियोकॉन समूह की स्थापना 1984 में वेणुगोपाल धूत के पिता नंदलाल माधवलाल धूत ने किया। माधवलाल के तीन बेटे प्रदीप कुमार धूत, राजकुमार एवं वेणुगोपाल ने मिलकर कारोबार संभाली। कंपनी का हेड क्वार्टर महाराष्ट्र के चित्तेगांव में है। इनका कारोबार विभिन्न सेक्टर जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और होम अप्लायंसेज, ऑयल एंड गैस, रियल एस्टेट और रिटेल में फैला हुआ है। व्यापार जगत में धूत परिवार ने 1955 में ही दस्तक दे दी थी। उस वक्त नंदलाल धूत ने गंगापुर शुगर मिल की स्थापना की थी। इसके लिए यूरोप से मशीने भी लाई गईं थीं। हालांकि, उस दौर में देश में बिजली की कमी थी, इस वजह से यह मिल नहीं चल सकी। 1984 में धूत परिवार ने नये सिरे से कंपनी की शुरुआत की। समूह की आज चित्तेगाँव, भरूच और वरोरा में कई इकाइयां हैं। वीडियोकॉन समूह उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों और तेल और गैस के कारोबार में सीधे और सहायक कंपनियों और संयुक्त उद्यमों के माध्यम से भी कारोबार करता है।
1985 में वीडियोकॉन समूह टीवी सेट, टेप रिकॉर्डर, ईएचटी ट्रांसफार्मर, इलेक्ट्रॉनिक ट्यूनर, ऑडियो टेप डेक सिस्टम आदि का निर्माण शुरू किया। 1986 में, धूत ने वीडियोकॉन इंटरनेशनल की स्थापना की, जिसका मकसद एक साल में 1 लाख टीवी सेट बनाना था। इसने जापानी ब्रांड तोशिबा के साथ तकनीकी सहयोग में प्रवेश किया और यहां से कामयाबी की झंटा फहरा दी। कंपनी ने धीरे-धीरे वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर सहित अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्माण में प्रवेश किया। 2005 में, वीडियोकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड का वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड में विलय कर दिया गया था। देशभर में कई स्थानों पर इसकी इकाइयां लगाई गईं। वीडियोकॉन ने सितंबर 2005 में थॉमसन SA, फ्रांस के विश्वव्यापी रंगीन पिक्चर ट्यूब (CPT) व्यवसाय का अधिग्रहण किया। इस तरह विदेशों में भी अपना कारोबार स्थापित कर लिया। वर्तमान में वीडियोकॉन की अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से 8 विदेशी तेल और गैस ब्लॉकों में हिस्सेदारी है, जिनमें से 7 ब्राजील में और एक इंडोनेशिया में है।
टेलीकॉम सेक्टर से शुरू हुई पतन की नई कहानी
इसे भी पढ़ें : पंचतत्व में विलीन हुईं तुनिशा शर्मा, मां का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
इसे भी पढ़ें :IRB-10 की पासिंग आउट परेड में ट्रेनी सिपाहियों से क्या बोले सीएम…देखें
इसे भी पढ़ें :वीडियो वायरल होने के बाद भागलपुर JDU विधायक का बेटा गिरफ्तार… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें :दिलशेर खां को मा*रने वाले ने उगला राज, चौंका गए एसपी… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें :BIG BREAKING : रांची के सबसे भीड़-भाड़ वाले इलाके में Corona की एंट्री, देखें






