Ranchi (Rupam/Rajesh) : 10 एकड़ आदिवासी जमीन पर दावेदारी को लेकर कभी भी खून खराबा हो सकता है। यह जमीन कांके थाना क्षेत्र के चामा गांव में है। जमीन पर बाउंसर को तैनात कर दिये जाने के बाद गांव के लोगों में डर और गुस्सा है। कद-काठी से मजबूत गिने-चुने बाउंसर उसी विवादित आदिवासी जमीन पर टेंट-तंबू गाड़ कर अपने मालिक के नमक का हक अदा कर रहे हैं।
खतियानी वंशजों के कुछ लोगों का आरोप है कि उन्हें हड़काया-धमकाया जाता है। बोला जाता है… मार कर फेंक देंगे, मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा। इन बाउंसरों को लाने वाले में एक बार फिर जमीन माफिया कमलेश और उसके कुछ गुर्गों का नाम उछला है। इससे पहले बीएयू की जमीन पर कब्जा और पुलिस सोसायटी बसाने में भी कमलेश का नाम उछला था। युवा और जाबांज सीएम हेमंत सोरेन ने जांच का आदेश देकर यह जता दिया कि वह किसी के दबाव-प्रभाव में आने वाले नहीं। असहाय और कमजोर की जमीन छीनी नहीं जा सकती।
माफिया कमलेश का साथ देने वाले को कांके के सीओ को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं रजिस्ट्रार को हटा दिया गया। कुछ दिन पहले लॉकडाउन में सुखदेव नगर इलाके में डैम साइड पर बसे लोगों के घरों पर बुल्डोजर चला दिया गया। लोगों को अब उस लम्हे का इंतजार है, कब पुलिस सोसायटी पर खड़ी इमारत पर चलेगा बुल्डोजर। कांके पुलिस ने इस बार केवल धारा 107 के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों को नोटिस थमाया है।
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