Ranchi (Rajesh/Arti) : माता पिता के साये से वंचित अनाथ और असहाय एक भाई और तीन बहनों का अब कोई नाथ नहीं। बहनों में सबसे बड़ी अनीमा का दुख यह है कि मां का डेथ सर्टिफिकेट तक उसे नहीं दिया जा रहा। पिता बिठू टोप्पो की 2007 में हत्या कर दी गई थी, वहीं 8 जून को मां चारी टोप्पो को कोरोना निगल गया। एक बड़ा भाई ठनका गिरने से मर गया।
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अनीमा का कहना है वह जब कभी अपनी मां का डेथ सर्टिफिकेट लेने संत अन्ना अस्पताल जाती है तो उससे पैसे मांगे जाते हैं। उसके पास फूटी कौड़ी नहीं। नारी समिति से 54 हजार रुपया कर्ज लेकर मां का इलाज कराया था, पर उसे भी बचा नहीं पाई। स्थानीय विधायक राजेश कच्छप और कद्दावर नेता आरती कुजूर के कहने पर अस्पताल प्रबंधन ने बिल आधा माफ कर दिया था। कुल बिल 2 लाख 63 हजार 908 रुपये का थमाया गया था।
उसे पूरा बिल चुकाने के लिए बार-बार कहा जाता है। कफन जुटाना मुश्किल था बिल कहां से चुकाउं। मां के मरने के बाद बहुत बुरा हाल है। पढ़ाई लिखाई छूट गई। राशन पानी तक का जुगाड़ करना मुश्किल हो गया है। भाई भी छोटा है वह भी करे तो क्या। नामकुम के बीडीओ और सीओ से हाथ जोड़कर विनती की हूं। उम्मीद है कुछ न कुछ भला वह जरूर सोचेंगे। इतनी बड़ी दुनिया में आज खुद को बिल्कुल अकेला पाती हूं। शायद किसी को तरस आए हम अनाथ भाई-बहनों पर।
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