Kohramlive : चाय…जो कई लोगों के लिये सिर्फ पेय नहीं, बल्कि दिन की शुरुआत का ‘एनर्जी बूस्टर’ है। लेकिन सुबह से शाम तक 3–4 कप से आगे बढ़ती चाय की आदत कब सेहत पर भारी पड़ने लगती है, इसका अंदाजा अक्सर देर से होता है। मशहूर डायटीशियन रुजुता दिवेकर के अनुसार, चाय का असर हमारी डेली रूटीन और मात्रा पर निर्भर करता है। सही मात्रा में यह फायदेमंद है, लेकिन ज्यादा सेवन नुकसानदेह हो सकता है। डायटीशियन के मुताबिक, दिन में 2 से 3 कप चाय पर्याप्त मानी जाती है। इससे ज्यादा चाय पीने पर शरीर में कैफीन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे बेचैनी, एसिडिटी और नींद की समस्या हो सकती है। जैसे नमक की सही मात्रा स्वाद बढ़ाती है और ज्यादा नुकसान करती है, वैसे ही चाय के साथ भी यही नियम लागू होता है। यूरोपियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी की एक स्टडी बताती है कि हफ्ते में कम से कम तीन बार चाय पीने वाले लोगों में हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा करीब 20% तक कम हो सकता है। हालांकि, यह फायदा तभी मिलता है जब चाय कम दूध और बिना ज्यादा चीनी के पी जाये।
चाय पीने के सही नियम
खाली पेट चाय न पियेंः सुबह उठते ही चाय पीना शरीर में कैफीन का अचानक प्रभाव डालता है, जिससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ सकती है। इसकी जगह ताजे फल या हल्का नाश्ता बेहतर विकल्प है। वहीं, देर शाम या रात में चाय पीने से नींद प्रभावित होती है। इससे अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और बेचैनी की समस्या बढ़ सकती है।
खाने के साथ या तुरंत बाद चाय न लेंः चाय गैस्ट्रिक होती है और पाचन प्रक्रिया पर असर डाल सकती है, जिससे अपच और एसिडिटी की शिकायत हो सकती है।
चाय के साथ क्या खायें?
अक्सर चाय के साथ बिस्कुट, नमकीन या तले हुये स्नैक्स खाये जाते हैं, जिनमें ज्यादा नमक, तेल और चीनी होती है। इससे वजन और कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। इसके बजाय आप ये हेल्दी विकल्प चुन सकते हैं, भुने हुये मखाने, काले चने, मिक्स सीड्स। वहीं, ज्यादा चीनी वाली चाय ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती है, जबकि अधिक मात्रा में चाय पीने से एसिडिटी और अपच की समस्या भी बढ़ सकती है। सीमित और संतुलित मात्रा में चाय पीना ही बेहतर है। निष्कर्ष यह है कि चाय पीना बुरी आदत नहीं, लेकिन इसकी मात्रा और समय का ध्यान रखना जरूरी है। दिन में 2–3 कप, सही समय पर और कम चीनी के साथ पी गई चाय सेहत के लिये संतुलित विकल्प हो सकती है।
डिस्कलेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्य के लिये है। इसे चिकित्सा सलाह के रूप में न लें। अपनी डाइट या स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी बदलाव करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।






