spot_img
spot_img
spot_img

होली आई रे, रंगों की बहार में छुपे रोचक किस्से… जानें

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

Kohramlive : होली… वो त्योहार जो सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि दिलों के मिलने, दुश्मनों के गले लगने और बेफिक्री में झूमने का त्योहार है। सदियों से भारत की गलियों में होली (Holi 2025) की हुड़दंग मची है, मगर क्या आप जानते हैं कि इतिहास में भी होली के ऐसे किस्से दर्ज हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल है? आइए, आपको लिये चलते हैं रंगों की दुनिया के उन पन्नों पर जहां होली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि जुनून बन गई थी।

जब मुगलों ने भी खेली थी होली (Holi 2025)

आज से करीब 400 साल पहले, मुगल बादशाह जहांगीर के दरबार में रंगों की ऐसी होली खेली जाती थी कि विदेशी यात्री भी दंग रह जाते थे। फरिश्ता नाम के एक इतिहासकार ने लिखा है कि शाही हरम में खासतौर पर होली का जश्न मनाया जाता था। खुद जहांगीर रानी नूरजहां के साथ रंगों में सराबोर हो जाते थे। यहां तक कि एक बार बादशाह अकबर ने अपने महल में अनारकली पर गुलाल फेंका था और कहते हैं कि तभी से उनका प्यार परवान चढ़ा था!

ब्रज की होली, जहां लाठियों से रंग बरसते हैं

अगर आप समझते हैं कि होली सिर्फ रंगों की है, तो शायद आपने बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली नहीं देखी! यहां रंग के साथ लाठियां भी बरसती हैं और नटखट गोपियां अपने सखाओं को मजा चखाने से पीछे नहीं हटतीं। कहते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण जब राधा के गांव बरसाना जाते थे तो गोपियां उन्हें छेड़ती थीं और लाठियों से मारती थीं। बस, तभी से यह परंपरा चली आ रही है, और आज भी हर साल बरसाना में यह नजारा देखने को मिलता है।

जब ब्रिटिश अफसर को चढ़ा होली का रंग

ब्रिटिश राज में अंग्रेज अफसरों को होली फूटी आंख नहीं सुहाती थी, लेकिन बनारस के पंडों की होली का जोश ऐसा था कि एक बार एक अंग्रेज अधिकारी को भी रंगों में सराबोर होना पड़ा। कहा जाता है कि जब अंग्रेज अफसर बनारस के घाटों से गुजर रहा था, तो होली के उन्माद में डूबे कुछ लोगों ने उसे रंग डाल दिया। गुस्से में भरा वो अफसर शिकायत करने गया, लेकिन वहां के राजा ने हंसते हुये कहा, “साहब, ये बनारस की होली है, यहां हर कोई एक रंग का हो जाता है!”

होली सिर्फ एक मस्ती भरा त्योहार ही नहीं, बल्कि अच्छाई की जीत का संदेश भी देती है। भक्त प्रह्लाद की कहानी से लेकर होलिका दहन तक, इस पर्व के पीछे एक गहरी सोच छुपी है—बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, सत्य और भक्ति की जीत निश्चित होती है। रंगों का हुड़दंग, पकवानों की मिठास और ठंडाई की खुमारी—बस यही कहती है कि होली आई रे! तो तैयार हो जाईये, गुलाल उड़ाने के लिये, भांग के रंग में झूमने के लिये और उन अनकहे लम्हों को जीने के लिये, जो सालभर याद रह जायें।

इसे भी पढ़ें :बिना राशन कार्ड के अनाज उठाने का आया नया तरीका… जानें

इसे भी पढ़ें :इन जगहों पर कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार, अलर्ट जारी…

इसे भी पढ़ें :बातों और यादों में जिंदा रहेंगे पूर्व PM, तीनों बेटियां काबिल…

इसे भी पढ़ें :डॉ मनमोहन इकलौते ऐसे PM थनके हस्ताक्षर वाला नोट चला

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

कल का राशिफल: इन राशियों को मिलेगा धन और करियर में बड़ा फायदा…

Kohramlive : कल यानी 19 जून का दिन ज्योतिषीय...

शादी से 12 दिन पहले उजाड़ दिया पूरा परिवार…

UP : यूपी के के बदायूं में एक दर्दनाक...

ला’शों को देखते-देखते हो गया मेंटल डिप्रेशन, एक कॉल ने लौटा दिया परिवार…

Kohramlive : कभी-कभी जिंदगी ऐसी कहानी लिखती है, जिसे...

हुगली नदी पर एक साथ दिखा दो बवंडर, जान बचा भागे लोग…

Kohramlive : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले...

राज्यसभा पहुंचते ही CM हेमंत सोरेन से मिले बैद्यनाथ राम…

Ranchi : झारखंड से नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ...