Kohramlive : भारत ने आज अपने रक्षा इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। स्वदेश में विकसित तेजस एमके-1ए को औपचारिक रूप से भारतीय वायु सेना में शामिल कर लिया गया। नासिक स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की तीसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया और इसके साथ ही आसमान में भारत की नई ताकत गूंज उठी। रक्षा मंत्री ने कहा कि तेजस एमके-1ए हमारे वैज्ञानिकों की मेहनत, इंजीनियरों की दक्षता और देश के आत्मविश्वास का प्रतीक है। यह आने वाले दशकों में भारत की सुरक्षा का अहम स्तंभ होगा।
तेजस, गति, शक्ति और गर्व का संगम
सुपरसोनिक स्पीड में उड़ान भरने वाला यह हल्का लड़ाकू विमान आधुनिकतम हथियारों से लैस है। तेज प्रतिक्रिया और सटीक निशानेबाजी की क्षमता इसे भविष्य के युद्धक्षेत्रों में निर्णायक बनायेगी। इसकी एवियोनिक्स, रडार और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर प्रणाली भारत को नई तकनीकी ऊंचाइयों पर ले जाती है। 1966 में मिग-21 का उत्पादन। 1971 और कारगिल युद्ध में अहम भूमिका। अब तेजस के साथ भारत के रक्षा उत्पादन में नया स्वर्ण अध्याय जुड़ गया। तेजस एमके-1ए की सफलता भारत की वैज्ञानिक शक्ति, आत्मनिर्भरता और रणनीतिक सोच की भी जीत है। यह उपलब्धि भारत को उन देशों की कतार में खड़ा करती है, जो अपनी लड़ाकू शक्ति खुद गढ़ते हैं।










