Kohramlive : उत्तर बंगाल और सिक्किम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों में भूस्खलन, पुल टूटने और बाढ़ से अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अभी भी लापता हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। दार्जिलिंग, मिरिक, सुकिया और कालिम्पोंग में हालात सबसे गंभीर हैं। दूधिया का आयरन ब्रिज बह गया, जिससे सिलीगुड़ी और सिक्किम का संपर्क टूट गया। राष्ट्रीय राजमार्ग 110 और 717E पर कई जगह भूस्खलन से ट्रैफिक ठप हो गया। महानंदा नदी का तटबंध भी टूट गया, कई गांवों में पानी भर गया।
#WATCH | पश्चिम बंगाल: दार्जिलिंग के मिरिक में भूस्खलन से आवासीय भवनों को भारी नुकसान पहुंचा। pic.twitter.com/Yc8jD9i8pG
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 6, 2025
राहत-बचाव में मुश्किलें
NDRF और स्थानीय प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, लेकिन लगातार बारिश और फिसलन भरी सड़कों के कारण राहत कार्य बाधित हो रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारों और पहाड़ी इलाकों से दूर रहने की अपील की है।CM ममता बनर्जी ने हालात पर चिंता जताते हुये कहा कि सरकार प्रभावितों की हरसंभव मदद करेगी। वह सोमवार को उत्तर बंगाल का दौरा करेंगी। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ने भी आपदा पर दुख जताया है और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है।
रेल सेवायें भी प्रभावित / मौसम अलर्ट
पूर्वोत्तर रेलवे (NFR) ने कई ट्रेनों को रद्द, कुछ को डायवर्ट और आंशिक रूप से रद्द किया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जानने की अपील की है। मौसम विभाग ने दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में रेड अलर्ट जारी किया है। नदी जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, खासकर तीस्ता और माल नदी में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। दार्जिलिंग पुलिस ने फंसे यात्रियों के लिए +91 91478 89078 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।












