Ranchi : झारखंड की भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सोमवार, 24 अगस्त को JPSC की 2025 सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा से जुड़ी याचिका पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, झारखंड सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। याचिका में JPSC Combined Civil Services Preliminary Competitive Examination-2025 में कथित अनियमितताओं की जांच CBI या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की गई है। याचिका का फोकस परीक्षा रद्द कराने पर नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच पर है।
परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल
JPSC परीक्षाओं को लेकर झारखंड में लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं। अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों को लेकर आवाज उठाई है। इसी मुद्दे पर छात्रों का आंदोलन भी तेज हुआ। राज्य सरकार ने इससे पहले कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े विवाद के बीच कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। इनमें JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल थी।
हाईकोर्ट के फैसले से बदला घटनाक्रम
मामले में पिछले सप्ताह झारखंड हाईकोर्ट का अहम आदेश आया। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा तथा उनसे हुई नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी। इससे नियुक्त अभ्यर्थियों को तत्काल राहत मिली। अब 2025 की प्रारंभिक परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्र जांच की मांग ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है।









