Ranchi : “स्वास्थ्य व्यापार नहीं, सेवा है, “रिम्स-2″ का निर्माण शुरू किया जा रहा है। एक ऐसा आधुनिक मेडिकल हब, जो आने वाले दो वर्षों में झारखंड को नई पहचान देगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को हम नई ऊंचाई पर ले जायेंगे। रिम्स-2 चिकित्सा शिक्षा, रिसर्च और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवा का केंद्र बनेगा।” यह कहना है स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का। मौका था रेडिसन ब्लू होटल के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम का। इसमें राज्य के कई प्रमुख निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि, डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, और पत्रकार मौजूद थे। स्वास्थ्य मंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि कुछ अस्पताल आयुष्मान कार्ड का दुरुपयोग कर रहे हैं, “कार्ड स्वाइप कर पैसे निकाल लेना और मरीज को RIMS रेफर कर देना शर्मनाक है। गरीबों के हक से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि 212 अस्पतालों का फर्जीवाड़ा जांच में फंसे होने के कारण भुगतान रुका है और इसके लिये नेशनल एंटी फ्रॉड यूनिट की जांच चल रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 350 अस्पतालों के भुगतान में तकनीकी दिक्कतें थीं, जिसे NHA के साथ मिलकर हल किया जा रहा है। विभाग को निर्देश दिये गये हैं कि “लंबित भुगतान शीघ्र निपटायें, ताकि किसी भी अस्पताल को आर्थिक कठिनाई न हो।”
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि राज्य की मातृ और नवजात मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य में कुल 15,500 बेड हैं, जिसे हर वर्ष 2,000–3,000 की दर से बढ़ाया जा रहा है। लक्ष्य है एक लाख बेड वाला सशक्त झारखंड। NHM निदेशक अबू इमरान ने बताया कि झारखंड देश का पहला राज्य है जहां कर्मचारियों को असीमित बीमा कवर मिल रहा है। आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना और राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा, ये तीनों मिलकर झारखंड को स्वास्थ्य सुरक्षा का रोल मॉडल बना रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद रहे स्वास्थ्य क्षेत्र के स्तंभ डॉ. राजेश कुमार, डॉ. अनंत सिन्हा, डॉ. सतीश ठाकुर, डॉ. अजय सिंह, और अनवर अहमद अंसारी, सभी ने इस पहल की सराहना की और भरोसा जताया कि “अब स्वास्थ्य नहीं रहेगा पिछड़ा, झारखंड बनेगा इलाज का इक्का।”








