UP : प्रयागराज के लोकापुर विशानी गांव से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। महज 10 बिस्वा जमीन के लालच में एक बेटे ने अपने ही पिता, बहन और नाबालिग भांजी की बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, वारदात के बाद तीनों शवों को पास के कुएं में फेंककर ऊपर से पुआल डाल दिया, ताकि सच हमेशा के लिए दफन हो जाये। लेकिन कातिल की चाल ज्यादा दिन नहीं चली। सोमवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर इस तिहरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा कर दिया। मृतक राम सिंह पटेल (55) के दो बेटे और तीन बेटियां थीं। बड़ा बेटा मुकेश कुमार पटेल परिवार से अलग रहता था, जबकि छोटा बेटा मुकुंद, बेटी साधना और नातिन आस्था (14) पिता के साथ रहते थे। जमीन और मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मुकेश के व्यवहार से नाराज होकर राम सिंह ने अपनी संपत्ति छोटे बेटे मुकुंद के नाम कर दी थी। इसी फैसले के गुस्साये मुकेश ने इस खौफनाक कांड को अंजाम दिया।

पिता को मारने गया, बहन-भांजी भी बन गईं शिकार
पुलिस पूछताछ में संदेही गुनहगार मुकेश ने कबूल किया कि वह पिता से 10 बिस्वा जमीन मांग रहा था। इन्कार से वह गुस्से में था। शुक्रवार रात, छोटे भाई की गैरमौजूदगी में वह पिता को खत्म करने पहुंचा। सो रहे पिता का गला दबाने की कोशिश की, तभी बहन साधना और भांजी आस्था जाग गईं और बीच-बचाव करने लगीं। गुस्से में पागल मुकेश ने पास पड़ी कुल्हाड़ी उठाई और तीनों पर ताबड़तोड़ वार कर दिये। कुछ ही पलों में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं। हत्या के बाद आरोपी ने कोहरे का फायदा उठाया। एक-एक कर तीनों शवों को बाइक से ले जाकर पास के कुएं में फेंका और पहचान छिपाने के लिए ऊपर से पुआल डाल दिया। उसे भरोसा था कि सच कभी सामने नहीं आयेगा। जांच में यह भी सामने आया कि मुकेश यहीं नहीं रुकना चाहता था। वह छोटे भाई मुकुंद की भी हत्या कर पूरी जमीन हड़पने की फिराक में था। इसके लिए उसने बिहार से तमंचा खरीदा था। शनिवार को इसी मकसद से उसने मुकुंद पर गोली चला दी, लेकिन गनीमत रही कि गोली गर्दन छूते हुये निकल गई और उसकी जान बच गई।

चार घंटे का सर्च, कुएं से निकले शव
गुमशुदगी की रिपोर्ट और घर में खून से सना बिस्तर मिलने के बाद पुलिस का शक गहराया। सोमवार को आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इलाके को सील कर चार घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला। फायर ब्रिगेड और गोताखोरों की मदद से कुएं से तीनों शव बरामद किये गये। आरोपी के पास से कुल्हाड़ी, तमंचा और कारतूस भी मिले हैं। मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया जायेगा। इस हत्याकांड ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। मृतक साधना की 12 अप्रैल को शादी तय थी। तीन महीने बाद जहां डोली उठनी थी, वहां अब अर्थी उठी।






