UP : जिस घर में कुछ दिन पहले ही शादी की खुशियों के दीप जले थे, वहां अब मातम का अंधेरा पसरा है। यूपी के इटावा में फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के जुगरामऊ गांव में शादी के महज 20 दिन बाद 25 साल के अंकित कुशवाहा ने पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना के बाद गांव में शोक है और हर जुबां पर एक ही सवाल है,आखिर नई जिंदगी की शुरुआत इतनी जल्दी दर्दनाक मोड़ पर कैसे पहुंच गई? परिजनों का इल्जाम है कि घटना से एक दिन पहले रविवार को अंकित अपनी पत्नी खुशबू को बाजार लेकर गया था। इसी दौरान पत्नी के कथित प्रेम-प्रसंग को लेकर विवाद हुआ। परिजनों का कहना है कि खुशबू किसी अन्य युवक के साथ जाने की कोशिश कर रही थी, तभी अंकित ने उसे देख लिया और मौके पर पकड़ लिया।
बस स्टैंड पर बदल गया पूरा घटनाक्रम
जुगरामऊ निवासी अंकित कुशवाहा की शादी सात जुलाई को खुशबू के साथ हुई थी। बड़े भाई राजेश कुशवाहा ने मीडिया और पुलिस को बताया कि रविवार को अंकित पत्नी को कपड़े दिलाने बाजार ले गया था। इल्जाम है कि खुशबू अपने साथ जेवर लेकर गई थी और उसने व्हाट्सएप के जरिये कथित प्रेमी को पुराना बस स्टैंड के पास बुलाया। परिजनों के अनुसार, बस स्टैंड पर खुशबू ने अंकित को लस्सी लेने भेज दिया। इसी दौरान बाइक से युवक वहां पहुंचा और खुशबू उसके साथ जाने लगी। तभी अंकित की नजर पड़ गई और वह दौड़कर वहां पहुंच गया। आरोप है कि कथित युवक बाइक लेकर फरार हो गया। घटना के दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जुट गई। भाई राजेश का आरोप है कि भीड़ के सामने खुशबू ने अंकित को पहचानने से इनकार किया। इसके बाद अंकित ने मोबाइल में अपनी जयमाला की तस्वीर दिखाकर शादी का प्रमाण दिया, जिसके बाद भीड़ ने उसे जाने दिया।
रातभर तनाव में रहा अंकित, सुबह पेड़ से लटका मिला शव
परिवार का कहना है कि रविवार की घटना के बाद अंकित काफी परेशान था। सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसका शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। अंकित की मौत की खबर मिलते ही पत्नी खुशबू ने भी नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने हंगामा किया। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा उपचार के लिये नली डालने के प्रयास का उसने विरोध किया। डॉक्टरों ने समझाकर उसका इलाज शुरू कराया। एहतियात के तौर पर अस्पताल में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
समझौते की बातचीत के बीच छिन गई जिंदगी
भाई राजेश के अनुसार, रविवार की घटना के बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई थी। आरोप है कि खुशबू के मायके पक्ष ने रिश्ता खत्म न करने और पुलिस शिकायत न करने की बात कही थी। सोमवार को स्टांप पेपर पर समझौता कर खुशबू को छोड़ने की बात भी तय हुई थी। परिवार का कहना है कि रविवार की घटना से अंकित मानसिक रूप से काफी परेशान था और पूरी रात तनाव में रहा। राजेश ने आरोप लगाया कि खुशबू अपने मायके से ही नींद की गोलियों के पत्ते लेकर आई थी। पुलिस इस आरोप की भी जांच कर रही है। अंकित दो भाइयों में छोटा था और अपने परिवार के साथ खेती-बाड़ी करता था। उसके पिता लल्लन सिंह कुशवाहा किसान हैं। घटना का असर दोनों परिवारों पर पड़ा है। खुशबू की मां कृष्णमूर्ति और दादी की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। खुशबू का मायका बकेवर क्षेत्र के नौधना गांव में बताया गया है। परिजनों के अनुसार, कथित प्रेमी भी बकेवर क्षेत्र का रहने वाला है।






