Garhwa : जंगल की खामोशी, सुनसान रास्ता और सड़क पर पड़ा एक शव। दो महीने पहले गढ़वा के रंका थाना क्षेत्र के बरवाही जंगल में हुई इस घटना को देखने वालों के लिये यह एक सड़क हादसा था। लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि हादसा समझी जा रही घटना के पीछे साजिश, प्रेम और कथित सुपारी की परतें सामने आने लगीं।पुलिस ने मीडिया को बताया कि अस्पताल कर्मी श्रीकांत रवि की मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी मनीषा देवी, उसके प्रेमी मोहम्मद हसन और पिकअप चालक परवेज अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
किरायेदार से बढ़ीं नजदीकियां, पति से रिश्ते में आई दरार
पुलिस की जांच के अनुसार मोहम्मद हसन रामानुजगंज बस स्टैंड पर मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता है और मृतक श्रीकांत के मकान में किरायेदार था। इसी दौरान मनीषा और हसन के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पुलिस का दावा है कि दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन रास्ते में श्रीकांत थे, जो उनके इश्क के राह के कांटे थे। मनीषा पिछले करीब चार महीने से अपने मायके चिनिया में रह रही थी। पुलिस के मुताबिक, यहीं से पति को रास्ते से हटाने की साजिश तैयार हुई।
एक लाख में तय हुई ‘मौत’, पहले ही पहुंचा 50 हजार
पुलिस जांच में सामने आया कि श्रीकांत की हत्या के लिये एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इल्जाम है कि मोहम्मद हसन ने रंका के बांदू निवासी पिकअप चालक परवेज अंसारी से संपर्क किया। पुलिस के मुताबिक, वारदात से पहले 50 हजार रुपये डिजिटल माध्यम से परवेज के खाते में भेजे गये। बाकी रकम काम पूरा होने के बाद देने की बात सामने आई। पहले से योजना के तहत श्रीकांत को वाहन से टक्कर मारकर हत्या को सड़क हादसे का रूप देना था। यानी जिस वारदात को सड़क दुर्घटना जैसा दिखाने की कोशिश की गई, उसके पीछे पुलिस को अब एक कथित डिजिटल पेमेंट ट्रेल भी मिला है।
5 जुलाई की रात जंगल में बिछा था ‘डेथ ट्रैप’
पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई की शाम मनीषा ने श्रीकांत को अपने मायके बुलाया। रात करीब आठ बजे श्रीकांत अपनी अपाचे बाइक से बरवाही जंगल के रास्ते से गुजर रहे थे। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान पहले से घात लगाये पिकअप चालक परवेज ने JH 15 MP 9785 नंबर के वाहन से उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। घटना के बाद मामला सड़क दुर्घटना जैसा दिखाई दे रहा था। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
मां के शक ने बदल दी जांच की दिशा
श्रीकांत की मां शांति देवी को घटना पर संदेह था। उनके शक ने पुलिस को जांच की दूसरी दिशा में जाने का आधार दिया। SDPO रोहित रंजन सिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। मोबाइल फोन की लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, मनीषा और हसन के बीच घटना के आसपास लगातार हुई बातचीत ने संदेह को मजबूत किया। इसके बाद पुलिस ने एक-एक कड़ी जोड़नी शुरू की और साजिश का पूरा ढांचा सामने आता गया। SDPO रोहित रंजन सिंह ने मीडिया को बताया कि शुरुआती जांच में घटना दुर्घटना जैसी लग रही थी, लेकिन तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों ने मामले की दिशा बदल दी। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में तीनों मुख्य आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। पुलिस ने मामले में मनीषा देवी, मोहम्मद हसन और पिकअप चालक परवेज अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से हत्या में कथित तौर पर इस्तेमाल पिकअप वाहन, एक अर्टिगा कार, दो मोबाइल फोन बरामद किये गये हैं।







