Palamu : मोबाइल की दुनिया में सस्ते सौदे का लालच देकर लोगों को चूना लगाने वाले एक अवैध रैकेट का भंडाफोड़ पांकी पुलिस ने कर दिया है। ग्राम खाप सरौना में एक घर के भीतर चल रही ‘मिनी मोबाइल फैक्ट्री’ पर छापेमारी कर पुलिस ने जिओ और सैमसंग कंपनी के Refurbished व Assembled कीपैड मोबाइल बनाने और बेचने के काले खेल का पर्दाफाश किया है। दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं, भारी मात्रा में मोबाइल, पार्ट्स और ई-वेस्ट जब्त किया गया है। मिली गुप्त सूचना के आधार पर मामले की जानकारी आला अधिकारियों को दी गई। पलामू की पुलिस कप्तान के आदेश और लेस्लीगंज (पांकी) के SDPO के निर्देश पर स्पेशल टीम बनाई गई। गठित टीम द्वारा विकल्प कुमार सिंह के घर पर छापा पड़ा, तो नजारा चौंकाने वाला था। घर के प्रथम तल्ले के एक कमरे में पुराने मदर बोर्ड, मोबाइल बॉडी, कवर, कीपैड और रिपेयर उपकरण इस तरह फैले थे कि पूरा सेटअप किसी अवैध मोबाइल फैक्ट्री जैसा लग रहा था। वैध कागजात मांगने पर आरोपी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
पूछताछ में खुला पूरा खेल
कड़ाई से पूछताछ में विकल्प कुमार सिंह ने बताया कि पांकी बस्ती निवासी रंजीत कुमार उसे जिओ व सैमसंग कंपनी के पुराने मदर बोर्ड, चार्जिंग पिन, माइक व अन्य पार्ट्स उपलब्ध कराता था। इन्हें वह रिपेयर कर चालू हालत में मोबाइल बनाकर फिर रंजीत कुमार को सौंप देता था, जिसे बाजार में बेचा जाता था। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने रंजीत कुमार के घर छापेमारी की, जहां मोबाइल पार्ट्स, डिब्बे, चार्जर और बैट्री प्लास्टिक के बोरों में भरे मिले। यहां भी कोई वैध कागजात नहीं दिखाये गये।
ऑनलाइन कोरियर से कबाड़
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ऑनलाइन कोरियर व फेरीवालों से पुराने मदर बोर्ड खरीदते थे।डाल्टनगंज की दुकानों से मोबाइल बॉडी, डिब्बे, चार्जर व बैट्री लेते थे, फिर अवैध रूप से मोबाइल असेंबल कर बाजार में बिक्री करते थे। छापेमारी में कुल मिलाकर 112 पुराने मदर बोर्ड, 335 जिओ व सैमसंग कीपैड मोबाइल, 186 मोबाइल डिब्बे (चार्जर व बैट्री सहित), सैकड़ों मोबाइल पार्ट्स, करीब 3 बोरा ई-वेस्ट (टूटा-फूटा मोबाइल कचरा) एवं ब्लोवर, सोल्डर मशीन, कटर, चिमटा, डिस्प्ले, कीपैड सहित कई उपकरण जब्त किये गये।






