Kohramlive : करीब दो महीने पहले वो नौकरी छोड़ प्रयागराज चली आई थी। यहीं रहकर पढ़ाई कर रही थी। उसने नोयडा के एक फैक्ट्री में काम किया था। उसने करीब छह माह किया था। उसका 10 हजार रुपया बकाया था। बकाया लेने 22 साल की सीमा (बदला हुआ नाम) नोयडा चली गई। कंपनी वालों ने 10 जनवरी को रुपये देने की बात कही। इसके बाद वह बुआ के घर दिल्ली के बदरपुर चली गई थी। रात साढ़े आठ बजे सेक्टर-37 से घर जाने के लिए ईको गाड़ी में बैठी। रास्ते में गाड़ी से बाकी सवारी उतर गये। रास्ते में दो युवक गाड़ी में बैठ गये। दोनों ड्राईवर के जान-पहचान के थे। रास्ते में गाड़ी साइड में खड़ी करके गाड़ी के अंदर ही सीमा के साथ गैंगरेप किया गया। इसके बाद गुनाहगारों ने उसे 200 रुपये देकर एक ऑटो में बैठा दिया। गैंगरेप की शिकार पीड़िता सीधे थाने पहुंच गई। उसने पुलिस को सबकुछ बताया। पुलिस ने टोल प्लाजा के पास लगे CCTV फुटेज को खंगाला। फुटेज से गाड़ी का नंबर पता चल गया। पुलिस ने फौरी कार्रवाई करते हुये तीनों गुनाहगारों को दबोच लिया। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिये भेजा गया। यह सनसनीखेज वारदात आगरा के एत्मादपुर थाना क्षेत्र में हुई।
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