Kohramlive : बांग्लादेश के विशेष न्यायाधिकरण ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के पांच मामलों में दोषी ठहराते हुये फांसी की सजा सुनाई है। यह फैसला सोमवार को आया है और उसके बाद देश में तनाव का माहौल तेजी से गहराया है। इस पर शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। शेख हसीना ने इस फैसले को तुरंत खारिज करते हुये कहा है कि यह “पक्षपाती और राजनीति-प्रेरित” है। उनका कहना है कि न्यायाधिकरण एक अप्राचीन और बिना जनादेश वाली सरकार की ओरदारी में काम कर रहा है और सिर्फ उनकी पार्टी अवामी लीग के सदस्यों को निशाना बना रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि अस्थिर अंतरिम सरकार उनके और उनकी पार्टी को पूरी तरह खत्म करना चाहती है।
हसीना ने यह भी कहा कि यह मुकदमे दुनिया का ध्यान उस सरकार की नाकामी से हटाने की राजनीति हैं, जो डॉ. यूनुस के नेतृत्व में चल रही है। उन्होंने अपनी पिछली सरकार के कार्यकाल को फिर याद करते हुये कहा कि उन्होंने मानवाधिकार, विकास और सार्वजनिक कल्याण के क्षेत्र में बड़े कदम उठाये थे। म्यांमार से रोहिंग्या शरणार्थियों को सहारा दिया, शिक्षा और बिजली का विस्तार किया, और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। अपने बयान में शेख हसीना ने बताया कि अंतरिम सरकार में कानून व्यवस्था कमजोर, अल्पसंख्यक और उनकी पार्टी के समर्थकों पर हमले बढ़े, और महिलाओं के अधिकारों पर खतरा है। उनका मांग है कि अगला चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और स्वतंत्र हो।
उन पर लगे आरोपों में यह था कि उन्होंने छात्र आंदोलन को दबाने के लिए सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया, और जुलाई 2023 में हुई कार्रवाई में 1,400 लोगों की मौत हुई थी। अभियोजन पक्ष ने उन्हें इस हिंसा का मास्टरमाइंड बताया था।हालांकि अवामी लीग ने इस फैसले के बाद बंद का ऐलान किया है, और पूरे देश में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बांग्लादेश फिलहाल एक बड़े राजनीतिक संकट के बीच है।




