Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा से न्याय की एक कड़ी और स्पष्ट आवाज आई है। विशेष POCSO अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाये गये मिथलेश साह उर्फ मिथलेश कुमार गुप्ता को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर कुल 1 लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोका है। विशेष न्यायाधीश दिनेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाते हुये साफ कहा कि ऐसे अपराधों में कोई नरमी नहीं बरती जा सकती। मामला धुरकी थाना क्षेत्र के ग्राम पुतूर का है, जहां 16 जनवरी 2024 को आरोपी ने घर में अकेली नाबालिग के साथ जबरन दुष्कर्म किया था। पीड़िता के शोर मचाने पर उसका मुंह दबाने की भी कोशिश की गई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुये आरोपी को गिरफ्तार किया और चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 7 गवाह पेश किये। सबूतों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने आरोपी को POCSO एक्ट की धारा 4(2) में 20 साल की सजा और 1 लाख रुपये जुर्माना सुनाया। इसके अलावा, घर में जबरन घुसने के मामले में IPC की धारा 452 के तहत 5 साल की अतिरिक्त सजा और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। फैसले के बाद दोषी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। प्रशासन ने इसे महिला और बाल सुरक्षा के लिहाज से एक अहम और मिसाल कायम करने वाला निर्णय बताया है।








