Delhi : दिल्ली के कीर्ति नगर की तंग गलियों में हवा जैसे उस रात भारी हो गई थी। एक ऐसी रात, जब आबरू की लड़ाई, गुस्से की आग और खून का लाल रंग एक ही कहानी में बदल गये, मौत की कहानी। बीते 17 नवंबर की सुबह रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में पड़ा एक शव पूरे इलाके को सन्न कर गया। युवक का गला बेरहमी से रेता हुआ था, मानो किसी ने बदले की आग से हथियार को तेज किया हो। शव की पहचान कर ली गई, मृतक का नाम अंगद था, वह दारापुर बसई का रहने वाला था। वह एक फैक्ट्री में काम करता था। इस हत्या के पीछे छुपे राज जब बेनकाब हुये तो खुलासा हुआ कि इसमें प्यार का खंभा नहीं, बल्कि बेटी की इज्जत बचाने की एक बाप की तड़प छिपी थी। जांच में खुलासा हुआ कि अंगद की पहचान एक लड़की से थी। पहचान से आगे बढ़कर उसने लड़की को परेशान करना शुरू कर दिया, गंदी गालियां, भद्दे मैसेज, यहां तक कि आपत्तिजनक वीडियो लीक करने की धमकी। लड़की का परिवार कई बार समझाता रहा, लड़की के पिता ने विनती भी की, पर अंगद नहीं माना। फिर वह पल आया जब पिता का धैर्य टूट गया। उसने अपने भांजे और बेटे के साथ मिलकर एक ऐसी साजिश रची, जो उनके मुताबिक बेटी की इज्जत बचाने का अंतिम रास्ता थी।
“चलो, शराब पीते हैं” कहकर ले गये आखिरी सफर पर
बीते 14 नवंबर को लड़की का भाई बस्ती (यूपी) से दिल्ली आया। पहले से सारी योजना बन चुकी थी। 16 नवंबर को आरोपी अंगद के कमरे तक पहुंचे, लेकिन CCTV कैमरे देखकर इरादा स्थगित कर दिया। और फिर 17 नवंबर की रात अंगद को बहाने से बुलाया गया, “चलो, थोड़ा पी लेते हैं…”रेलवे लाइन के पास, जहां अंधेरा उनके इरादे का साथी था। जब शराब ने अंगद की आवाज धीमी कर दी, तभी तेज धार वाले पेपर कटर ने उसका गला चीर दिया। एक पल की चीख और फिर पूरा सन्नाटा।
फोन पर बेटे से अपडेट लेता रहा
टेक्निकल सेल की मदद से खुलासा हुआ कि घटना के दौरान लड़की का पिता लगातार संपर्क में था। बसई दारापुर में फैक्ट्री में काम करने वाला यह 56 वर्षीय पिता उस रात इंसान कम, घायल जानवर ज्यादा बन चुका था। अपने बेटे से अपडेट लेता रहा। पुलिस ने फौरी कार्रवाई करते हुये लड़की के पिता और उसके ममेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया। लड़की का सगा भाई अभी फरार है।






