रांची : Rajbhawan के पास पोस्टरबाजी करने के मामले में रांची पुलिस ने किया पांच लोगों को गिरफ्तार। पुलिस गिरफ्त में आये पांच अपराधियों ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। रांची एसएसपी सुरेंद्र झा ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस बात का खुलासा किया है।
कई सामान जब्त किए गए
एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी बाइक और बोलेरो से घूम-घूम कर शहर के विभिन्न इलाकों में टीएसपीसी के पोस्टर लगाया करते थे। पुलिस ने इनके पास से बाइक और बोलेरो को भी जब्त किया है। टीएसपीसी के बैनर, पोस्टर भी जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी सुनील उरांव टीएसपीसी के आर्म दस्ता का सदस्य रह चुका है और जेल भी जा चुका है। वहीं एक आरोपी कालीचरण मुंडा एक हत्या के मामले में जेल की सजा काट चुका है। इन दोनों के अलावा अन्य गिरफ्तार आरोपियों में देवानंद मुंडा, रोशन मुंडा, राहुल मुंडा शामिल हैं।
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4 व्यक्ति हुए थे सीसीटीवी में कैद
पोस्टरबाजी के आरोपियों को पकड़ने के लिए बनी थी पुलिस की टीम। टीम का नेतृत्व रांची के सिटी एसपी सौरभ कर रहे थे। टीम ने आरोपियों को पकड़ने में साइबर सेल का भी सहयोग लिया, क्योंकि सीसीटीवी में चार आरोपियों के चेहरे कैद हो गए थे। इससे इन पांचों आरोपियों को पकड़ने में मदद मिली। पोस्टरबाजी की घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी खंगाला था। फुटेज में 4 लोगों का चेहरा साफ नजर आया, वहीं अन्य लोगों का चेहरा धुंधला था।
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Rajbhawan के पास सोमवार को दीवार पर चिपकाया गया था पोस्टर
यहां याद दिला दें कि पुलिस ने मंगलवार 15 दिसंबर को राजभवन के पास देवकमल अस्पताल की दीवार पर टीएसपीसी के नाम का पोस्टर-बैनर बरामद किया था। पोस्टर में लिखा था कि “नक्सली जांच के नाम पर एनआइए विस्थापित प्रभावित निर्दोष आम जनता के साथ मारपीट और फर्जी मुकदमा करना बंद करे। साथ ही एनआइए और पुलिस प्रशासन के दलाल दलाली करना बंद करें। सीसीएल, एनटीपीसी के अधिकारी विस्थापित प्रभावित आम जनता को धमकी, मारपीट गाली-गलौज करना बंद करें। आम जनता के हक अधिकार जल, जंगल, जमीन से बेदखल करने वाली सरकार के खिलाफ मजदूर किसान एकजुट हों।”






