कोहराम लाइव डेस्क : एक पिता अपनी बेटी की डोली विदा करने की पूरी तैयारी कर चुका था। घर में पूरी तैयारी हो चुकी थी 6 दिसंबर को बारात आने वाली थी। मगर दहेज लोभियों ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर बारात लेकर नहीं आया। जिसके बाद बाप-बेटी दोनों मानसिक रूप से परेशान हो गए। युवती एक दिन घर से निकली और वापस देर रात तक नहीं लौटी। जिससे परेशान पिता ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
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मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले की बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के नया पुरवा गांव की है। यहां दहेज ना देने के कारण बारात नहीं आई। इसके बाद बारात ना आने से दुल्हन घर से कहीं चली गई। पूरी घटना से आहत बेटी के पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
45 वर्षीय राम सुफल निषाद की पुत्री माला की शादी हमीरपुर जिले में तय हुई थी और 6 दिसंबर को बारात आनी थी। दहेज की मांग नहीं पूरी होने के कारण लड़के वाले लड़की के घर बारात लेकर नहीं आए। जिसके बाद पीड़ित पिता ने इस घटना की लिखित शिकायत एसपी से की थी। मामले की जांच होने से पहले ही पुत्री अचानक से घर से गायब हो गई। देर रात तक जब बेटी घर नहीं लौटी तो मानसिक रूप से परेशान पिता ने फांसी लगा ली।
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पीडि़त परिवार ने लड़के वाले को इस घटना का जिम्मेवार बताया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मृतक राम सुफल के परिवार में सात बेटियां है और तीन बेटे हैं।












