एटेम्प्ट टू मर्डर की मिली धमकी
रांची : मंगलवार की शाम 6:46 मिनट पर 9334308256 मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप पर आया एक परचा देख डॉक्टर शंभू प्रसाद सिंह के होश उड़ गये। कुछ समझ पाते कि ठीक उसी दिन शाम 6:51 बजे एक एसएमएस आया। यह मैसेज 7019148258 नंबर से आया था। परचा में लिखा था, “शंभू जी आपको सूचित किया जाता है संगठन की ओर से परचा पाते ही 24 घंटे के अंदर संपर्क करें, अन्यथा नहीं करने पर अंजाम आपके सामने है।“ परचा में बतौर रंगदारी 20 लाख (2000000) और भेजने वाले का नाम एरिया कमांडर भगत जी अंकित है। पाने वाले की जगह डॉक्टर शंभू प्रसाद अंकित है।
दूसरे ही दिन यानी 18 नवंबर को पुनः डॉ शंभू को उपरोक्त नंबर से ही फोन आया। फोन रिसिव करने पर खुद को पीएलएफआइ का एरिया कमांडर भगत जी बताने लगा और रंगदारी की मांग करने लगा। डॉ ने फोन काट दिया। उसके बाद डॉक्टर शंभू ने फोन नहीं उठाया। पुनः उनकी पत्नी डॉ कुमारी आशा के मोबाइल नंबर 7903638617 पर रिंग करने डॉक्टर शंभू को जान से मारने की धमकी दी गयी। उनसे बार-बार रंगदारी मांगी जा रही थी। उसी दिन यह मामला कांके थाना पहुंचा। पुलिस हरकत में आयी लेकिन कुछ भी पता नहीं चला। पुलिस को व्हाट्सएप पर आया परचा भी उपलब्ध करा दिया गया है। इस तरह की धमकी आने के बाद से डॉ शंभू और उनके परिवार की नींद हराम है। क्या कहते हैं डॉक्टर शंभू, सुनिये उनकी जुबानी…
गुजरे तीन दिन के बाद भी कांके पुलिस इस नतीजे पर नहीं पहुंच पायी कि रंगदारी मांगने वाला कौन है। रंगदारी के लिए जिस मोबाइल फोन नंबर का इस्तेमाल किया गया, उसका अंतिम लोकेशन क्या था और इसमें लगा सिम किसके नाम से निर्गत है। खैर, अब तक के अनुसंधान में जो कुछ ग्रामीण एसपी मो नौशाद ने कहा, सुनिए उनकी जुबानी….
डॉ शंभू से रंगदारी नहीं मांगी गयी : दिनेश गोप
संगठन का नाम उछलने के बाद पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप ने कहा कि डॉ शंभू प्रसाद सिंह से लेवी नहीं मांगी गयी है। संगठन में कोई भगत नाम से व्यक्ति नहीं है। यह काम किसी चोर गिरोह का होगा। संगठन ऐसा घिनौना काम नहीं करता है। सुप्रीमो दिनेश गोप ने यह जानकारी एक प्रेस बयान जारी कर दी है।













