Bihar : NEET/UG परीक्षा को लेकर आंदोलन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज किये गये मुकदमों को वापस लेने का आदेश जारी कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से राज्यभर के हजारों छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पटना हाईकोर्ट स्थित महाधिवक्ता कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे तक प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाये। आदेश पर महाधिवक्ता एसडी संजय के हस्ताक्षर हैं। सरकार ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को निर्देश दिया है कि वे अदालतों में जरूरी कानूनी प्रक्रिया जल्द पूरी करें। वहीं, पूरी कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट सरकार को भेजने को कहा गया है। आदेश की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, विधि विभाग के सचिव और बिहार के DGP को भी भेजी गई है।
कई जिलों के छात्रों को मिलेगा फायदा
सरकार के इस फैसले का लाभ राज्य के कई जिलों में दर्ज मामलों में शामिल छात्रों को मिलेगा। इनमें प्रमुख रूप से पटना, सीतामढ़ी, सिवान, सारण, किशनगंज, लखीसराय, औरंगाबाद, भागलपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, कटिहार, दरभंगा, गोपालगंज, सहरसा, मुंगेर सहित अन्य जिले शामिल हैं। मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया के तहत पटना के गांधी मैदान, कोतवाली, शास्त्रीनगर और सचिवालय थाना में दर्ज मामलों के अलावा अन्य जिलों के संबंधित थानों में दर्ज केस भी वापस लिये जायेंगे। इनमें सीतामढ़ी के डुमरा और पुनौरा थाना, सिवान नगर थाना, सारण के नगर थाना और भगवान बाजार थाना, किशनगंज के बहादुरगंज, लखीसराय के कवैया, भागलपुर के तिलकामांझी, पश्चिम चंपारण के बेतिया, पूर्णिया के के. हाट, वैशाली के लालगंज और नालंदा के बिहार थाना समेत कई थाने शामिल हैं।
छात्रों के करियर पर नहीं पड़ेगा कानूनी असर
आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को लेकर कई छात्र अपने भविष्य, उच्च शिक्षा और पुलिस वेरिफिकेशन को लेकर चिंतित थे। अब केस वापसी की प्रक्रिया शुरू होने से छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद वे अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। NEET/UG परीक्षा से जुड़े आंदोलन के बाद छात्रों के बीच चल रही चिंता के बीच बिहार सरकार का यह फैसला एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब निगाहें उन प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर हैं, जिनके पूरा होने के बाद मुकदमे औपचारिक रूप से समाप्त किये जायेंगे।






