Mujaffarpur : मुजफ्फरपुर के भारत फाइनेंस कंपनी से 37 लाख 90 हजार रुपये लूटने का मास्टरमांइड कंपनी का यूनिट मैनेजर इरफान अली ही निकला। इरफान ने ही पूरी प्लानिंग की थी। इरफान के साथ ब्रांच क्रेडिट मैनेजर किशन गुप्ता ने दिया। किशन ने इस कांड में अपने चचेरे भाई को भी शामिल कर लिया। तीनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। वहीं अगले रोज सुबह में झूठी कहानी गढ़ थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। यह वारदात बीते 6 दिसम्बर को होने की बात पुलिस को बताई गई। यह कंपनी अहियापुर थाना क्षेत्र के शहबाजपुर में है। इस कांड को मुजफ्फरपुर के SP राकेश कुमार ने गंभीरता से लिया। सिटी SP अरविंद प्रताप सिंह और नगर ASP अवधेश दीक्षित की देखरेख में एक स्पेशल टीम बनाई गई। गठित टीम ने अनुसंधान के क्रम में तीन बिंदु पर अटक गई। पहला, कलेक्शन का पैसा बैंक में क्यों जमा नहीं किया गया? दूसरा, वारदात के तीन रोज पहले CCTV कैसे खराब हो गई? तीसरा, आधी रात तक फाइनेंस कंपनी के सभी गेट क्यों खुले हुये थे? शक के आधार पर पुलिस ने कंपनी के यूनिट मैनेजर इरफान अली और क्रेडिट मैनेजर किशन गुप्ता को उठा लिया। पूछताछ में दोनों टूट गये और अपना गुनाह कबूल कर लिया। इनकी निशानदेही पर लूट के 30 लाख 23 हजार 270 रुपया बरामद कर लिये गये। किशन का चचेरा भाई को खोजा जा रहा है।














