Ranchi : सरकारों ने किसानों को समाप्त करने की साजिश रची है। देश की राजधानी में किसानों ने एक साल तक विरोध प्रदर्शन किया। अगर आज वह कानून लागू हो जाता तो इतने किसान हाथ खड़ा कर यह बताने की स्थिति नहीं होते की वह खेती से जुड़े हैं। राज्य के अंदर 1200 से 1500 मिमी बारिश होती है। कई चेकडैम, डैम, बराज बने हैं, लेकिन आज भी किसान बारिश के भरोसे है। कई लोगों का खेत-खलिहान नालों में, डैम में चला गया। यह कहना झारखंड के युवा CM हेमंत सोरेन का। मौका था सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना का शिलान्यास का। भूमि पूजन के साथ इसकी शुरूआत हुई। CM ने कहा कि इस योजना के निर्माण पर 484.35 करोड़ रुपये खर्च होने है। राज्य में लगभग 70 फीसदी से अधिक लोग खेती से जुड़े हैं। सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना का लाभ कई लोगों को मिलेगा। सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के माध्यम से ऊंची जगहों पर टांड में भी पानी पहुंचाया जायेगा।

CM ने कहा कि देवघर और जामताड़ा के लोगों को भरपूर पानी मिलेगा। किसानों को अपने पैरों पर खड़ा करने का संकल्प लिया है। पलामू, गिरिडीह और जमशेदपुर में इस तरह की योजना लाई जायेगी। CM हेमंत सोरेन ने किसानों की समस्या का जिक्र करते हुये कहा कि, किसान क्या मांगता है, किसान पानी मांगता है, समय पर बीज और खाद मांगता है। क्या कोई सरकार यह भी नहीं कर सकती। पिछली बार जब सूखा पड़ा तो राज्य ने अपने मन से किसानों की मदद की, वहीं केंद्र सरकार की तरफ से हमें पैसा नहीं मिला है। आजकल मौसम भी तेजी से बदल रहा है। इसका मूल कारण है पर्यावरण के साथ छेड़छाड़, इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। सरकार किसानों के लिए कई तरह की योजना लेकर आई है। झारखंड राज्य गुजरात और महाराष्ट्र से भी आगे बढ़ेगा।

CM ने कहा कि देवघर और जामताड़ा के लोगों को भरपूर पानी मिलेगा। किसानों को अपने पैरों पर खड़ा करने का संकल्प लिया है। पलामू, गिरिडीह और जमशेदपुर में इस तरह की योजना लाई जायेगी। CM हेमंत सोरेन ने किसानों की समस्या का जिक्र करते हुये कहा कि, किसान क्या मांगता है, किसान पानी मांगता है, समय पर बीज और खाद मांगता है। क्या कोई सरकार यह भी नहीं कर सकती। पिछली बार जब सूखा पड़ा तो राज्य ने अपने मन से किसानों की मदद की, वहीं केंद्र सरकार की तरफ से हमें पैसा नहीं मिला है। आजकल मौसम भी तेजी से बदल रहा है। इसका मूल कारण है पर्यावरण के साथ छेड़छाड़, इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। सरकार किसानों के लिए कई तरह की योजना लेकर आई है। झारखंड राज्य गुजरात और महाराष्ट्र से भी आगे बढ़ेगा।

किसान आम नहीं खास हैं
किसान आम नहीं है वह खास है वह अन्न देता है, अन्न दाता है। किसानों को भी शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। कैसे बेहतर खेती की जा सकती है सिखायेंगे। किसान पाठशाला बनाना शुरू कर दिया है। गांव से किसान को बस में लेकर आयेंगे और नयी विधि सिखायेंगे। दुनिया कैसे नयी तकनीक के माध्यम से खेती में कैसे आगे बढ़ रही है यह किसानों को जानना जरूरी है। कानून बनाकर राज्य के सारे बुजुर्गों को पेंशन देना शुरू कर दिया। इसे लेकर किसी ने नहीं सोचा था। जिस बुजुर्ग को पेंशन मिलता है उसे बेटे भी साथ रखना पसंद करते हैं। केंद्र की सरकार ने नमक, तेल सब कुछ महंगा कर दिया। झारखंड का जड़ गांव में है, अगर जड़ मजबूत रहेगा तो पत्ते और टहनी झड़ने से फर्क नहीं पड़ेगा।
हमें प्रचार नहीं काम करना आता है
CM हेमंत सोरेन ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि, हमें विरोधी भ्रष्टाचारी बता रहे हैं। कोई अपने घर में चोरी करता है क्या। डबल इंजन की सरकार वालों ने डबल खाया। क्यों बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिला। गरीब और विधवाओं की आंख का पानी पुरानी सरकार ने नहीं पोछा। CM ने कहा उन्हें प्रचार-प्रसार नहीं काम करना आता है। वे काम मेहनत करने में विश्वास रखते हैं। यही वजह है कि राज्य में बुजुर्ग और हर विधवा महिला को पेंशन मिल रहा है। साल में हर गरीब को धोती, साड़ी और लूंगी मिल रहा है। बच्चियां बोझ नहीं है उनकी हर जिम्मेदारी सरकार के कांधे पर है। लक्ष्मीबाई फूले योजाना का लाभ बच्चियों को मिल रहा है। अपने बाल बच्चों को पढ़ायें ताकि इस राज्य के लोगों को कोई बेवकूफ ना समझें।
राज्य में कोरोना फिर सूखा, संकट बढ़ा
CM हेमंत सोरेन ने कहा कि साल 2019 में जब राज्य की कमान संभाली तो एक के बाद एक चुनौतियां आ गयी। ठीक से सरकार कुर्सी पर बैठी नहीं की महामारी कोरोना आ गया, इसके बाद दो- दो बार सूखा आ गया। केंद्र की सरकार के साथ हमारा रिश्ता भी अजीब है, पता नहीं हम उन्हें ठीक लगते हैं या नहीं मदद के नाम पर हमें दुत्कार दिया जाता है। हमें इसकी चिंता नहीं है, वर्तमान राज्य सरकार जिसे आप लोगों ने चुना है वह आपके मन की बात जानता है। उसे के आधार पर हम काम करते हैं।
इस अवसर पर कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के लोगों के विकास की जिम्मेदारी ली है। सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना का लाभ कई लोगों को मिलेगा। उम्र लंबी हो यह जरूरी नहीं, कितना जीवन जीते हैं मायने नहीं रखता। आप 100 साल जिंदा रहे और आपकी चर्चा ना हो तो जीवन बेकार है, एक दिन भी रहे और चर्चा हुई तो यह सफल है। विधायक हफिजुल हसन ने कहा 1980 से यह क्षेत्र दिशोम गुरू शिबू सोरेन का रहा है। अगर राज्य अलग नहीं होता तो शायद मुझे यह जगह नहीं मिलती। झारखंड सरकार के जितने सड़क है वह बेहतरीन हैं। 16 हजार किमी रोड बनाया जा रहा है। देवघर में साढ़े चार सौ करोड़ का टेंडर हुआ है। विधायक इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काम की सराहना करते हुए कहा, इस योजना से जामताड़ा का भी भला होगा।
27 पंचायत के किसानों को होगा लाभ
इस योजना के शुरू हो जाने से देवघर और जामताड़ा जिला चार प्रखंड के 27 पंचायत में रहने वाले 1,11,174 आबादी को लाभ होगा। इसमें 13,930 अनूसूचित जाति एवं 26, 346 अनूसूचित जन जाति के लोग भी रहते हैं। योजना से सारठ प्रखंड के 06, करों प्रखंड के 06, विद्यासागर प्रखंड के 12 और जामताड़ा प्रखंड के 03 पंचायत के किसानों को लाभ होगा। योजना का कार्य तीन वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे पहले दुमका जिला अंतर्गत मसलिया एवं रानेश्वर प्रखंड में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मेगा लिफ्ट योजना का निर्माण कराया जा रहा है।
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