Palamu : पलामू की धरा से एक हथिनी की रहस्यमयी गुमशुदगी ने पूरे इलाके को हिला दिया है। यह कोई साधारण जानवर नहीं था, बल्कि एक करोड़ रुपये की कीमत वाली हथिनी, जिसका नाम था “जयमति”। उसकी चाल में शाही अंदाज़ था और उसकी मौजूदगी मानो किसी राजा की शान। लेकिन अब वह हथिनी अचानक गायब हो गई है… पीछे रह गई हैं सिर्फ़ सवाल, आंसू और रहस्य। यूपी के विंध्याचल निवासी नरेंद्र कुमार शुक्ला अपने गांव की तंगी और हथिनी के खाने-पीने की दिक़्क़तों से जूझते हुये, “जयमति” को लेकर पलामू की धरती पर पहुंचे। 11 अगस्त को हथिनी जोरकट इलाके में देखी गई थी। उसके साथ महावत मुन्ना पांडेय और मन्ना पाठक थे। 13 अगस्त को जब नरेंद्र पलामू लौटे, तो पाया कि न हथिनी है और न महावत।
नरेंद्र ने कई जगह तलाश की। जंगल के पगडंडियों से लेकर कस्बों के नुक्कड़ों तक, पर जयमति का कहीं पता नहीं चला।
शक की सुई उन महावतों और उनके नये साथी ताड़केश्वर नाथ की ओर घूमती है, जिनकी दोस्ती अचानक गहरी हो गई थी। 12 सितंबर को नरेंद्र ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर पूरी कहानी बयान की। सदर थाना में केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि “हथिनी में एक चिप लगी है। उसकी लोकेशन से हम उसे ढूंढ निकालेंगे।” अब वन विभाग और पुलिस की टीमें दिन-रात खोजबीन में जुटी हैं। इधर, जोरकट के गांव में लोग धीमे स्वर में बातें कर रहे हैं कि
“इतनी बड़ी हथिनी आखिर हवा में कहां गुम हो सकती है?”














