Ranchi : रांची के मिसाइल नेत्रहीन विद्यालय परिसर में मंगलवार को इंसानियत की रौशनी से जगमगाने वाला एक अनुठा नजारा दिखा। लोक सेवा समिति द्वारा आयोजित ईद मिलन समारोह में न जात-पात की दीवार थी, न धर्म का बंधन। हर कोई बस एक-दूसरे के गले लगकर यह अहसास कर रहा था कि प्यार की कोई भाषा नहीं होती, और अपनापन कभी आंखों से नहीं, दिल से महसूस किया जाता है।
नेत्रहीन बच्चों ने जब स्वागत गीत गाया तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। किसी ने तबला बजाया, किसी ने हारमोनियम पर उंगलियां थिरकाईं, और माहौल में गूंज उठी इंसानियत की सबसे मधुर धुन। जैसे ही कुर्ता-पाजामा, मिठाई और सेवइयां वितरित की गईं, एक मुस्कान ऐसी खिली कि उजाला भी फीका पड़ जाये। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद नौशाद ने कहा, “पच्चीस साल से इस ईद मिलन को मना रहे हैं, लेकिन हर साल दिल पहले से ज्यादा खुश और आत्मा पहले से ज्यादा संतुष्ट महसूस करती है।” यहां यह संदेश झलका कि जब दिलों में मोहब्बत हो, तो आंखों का अंधेरा भी रोशन हो उठता है। विशिष्ट अतिथि अजय कुकरेती और प्रदीप जी के साथ प्रो. हरबिंदर बीर सिंह, राजकुमार नागवंशी, मोहम्मद मीर, अनस बिन नौशाद समेत कई गणमान्य लोग इस समारोह का हिस्सा बने।










