Ranchi : झारखंड सरकार ने ED को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में कहा गया है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला नहीं आ जाता तब तक राज्य के किसी पुलिस अधिकारी को ना समन भेंजे और ना तलब करें। अवैध खनन अनुसंधान को लेकर ED इससे जुड़े कुछ पुलिस अफसरों को पूछताछ के लिये समन भेजा है, वहीं कुछ को तलब कर पूछताछ भी की है। इस मामले को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है।
मीडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को एक पत्र ED को भेजा गया है। यह पत्र अपर गृह सचिव स्तर के एक अधिकारी की पहल पर पुलिस मुख्यालय की तरफ से ED को भेजा गया है। पत्र में ED को बताया गया है कि झारखंड सरकार बड़हरवा टॉल प्लाजा केस के अनुसंधान में ED को परिवादी बनाये जाने के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ एसएलपी में सुप्रीम कोर्ट गई है। ऐसे में इस मामले में ED किसी पुलिस अफसर को समन ना करें, जब तक सुप्रीम कोर्ट से कोई फैसला नहीं आ जाता। ED ने बड़हरवा के तत्कालीन DSP प्रमोद मिश्रा को समन भेजा है। बड़हरवा केस में पंकज मिश्रा और मंत्री आलमगीर आलम को 24 घंटे के अंदर क्लीनचिट देने के मामले में DSP को दूसरा समन भेजा गया है। उन्हें 15 दिसम्बर को दिन के 11 बजे तक ED के रांची जोनल ऑफिस में हाजिर होने को निर्देश दिया गया था। लेकिन वो नहीं पहुंचे। इससे पहले DSP प्रमोद मिश्रा को 12 दिसम्बर को बुलाया गया था। तब भी वो नहीं गये थे। इस मामले में ED इस केस के अनुसंधानकर्त्ता मो. सरफुद्दीन खान का बयान ले चुकी है। वहीं साहेबगंज के DSP राजेंद्र दूबे से ED पूछताछ कर चुकी है। पंकज मिश्रा के न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान उनसे मुलाकात और बातचीत के मसले पर पूछताछ की गई है।
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