Ranchi : वैसे कहने को दहेज लेना और देना, दोनों कानूनन अपराध है, लेकिन बिना दहेज के आमतौर पर शादी नहीं होती। दहेज प्रथा को लेकर कड़े कानून भी हैं, पर दहेज लोभी कम नहीं। देश में हर रोज करीब 19 बेटियां दहेज की खातिर मार दी जाती हैं। झारखंड, बिहार और यूपी में भी दहेज को लेकर भयावह स्थिति है। झारखंड में हर साल करीब 250 दुल्हन दहेज के कारण मौत की घाट उतार दी जाती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि लव मैरिज करने वाली लड़कियां भी दहेज प्रताड़ना की शिकार हो रही है। उनकी जिंदगी तबाह और बर्बाद हो रही है। आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि सौ में से दस लड़कियां दहेज की वजह से मारी गई। ये लड़कियां अपनी मर्जी से लव मैरिज की थी। कुछ दिन पहले की ही बात है, बिहार के एक गांव में एक नई नवेली दुल्हन को दहेज की खातिर भयानक मौत दी गई। पहले उसके हाथ को काटा गया। उसका वीडियो बनाया गया। वीडियो उसके मायके भेज दिया गया। बाद में नव-विवाहिता की डेड बॉडी एक तालाब में मिली। वहीं कुछ दिन पहले राजधानी रांची के पिठोरिया में एक नई नवेली दुल्हन को मार कर फांसी के फंदे पर टांग दिया गया। उपलब्ध आंकड़े यह दर्शाते हैं कि दहेज के लिए हर साल 6 हजार से ज्यादा बेटियों को मौत के घाट उतार दिया जाता है। वहीं हर साल देश में 15 हजार मामले सिर्फ दहेज को लेकर थाने में दर्ज किये जाते हैं। इसमें वो आंकड़े नहीं हैं, जिसमें विवाहिता को दहेज प्रताड़ना से थक-हार और ऊब सुसाइड करने के लिये मजबूर कर दिया जाता है। अगर यह आंकड़ा भी जोड़ लिया जाया तो स्थिति और भयावह होंगे। बीते पांच सालों में करीब 35 हजार बेटियों को दहेज की वजह से मार दिया गया।
झारखंड में 2017 से लेकर 2022 अक्टूबर महीने तक करीब 1425 बेटियों को अपनी जान गवानी पड़ी। 2017 में 248, साल 2018 में 252, साल 2019 में 299, साल 2020 में 275, साल 2021 में 281 और साल 2022 के अक्टूबर महीने तक 125 बेटियो को झारखंड में दहेज की वजह से मार दिया गया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के द्वारा राज्यसभा में दहेज हत्या को लेकर आंकड़े पेश किए गये। जिसमें यह बताया गया कि देश में 2017 से 2021 के बीच प्रतिदिन करीब 20 बेटियों को दहेज की वजह से मार डाला गया। उत्तर प्रदेश भारत का ऐसा राज्य है जहां सबसे ज्यादा दहेज को लेकर बेटियों की हत्या की गई हैं। आंकड़ों के अनुसार यूपी में हर रोज 6 बेटियां सिर्फ दहेज की वजह से मार डाली जाती हैं। उत्तर प्रदेश में साल 2017 में 2524, 2018 में 2444, 2019 में 2274, 2020 में 2410 और 2021 में 2222 बेटियो को दहेज की वजह से मार डाला गया। वहीं, बिहार में साल 2017 में 1081, साल 2018 में 1007, साल 2019 में 1120, साल 2020 में 1046 और साल 2021 में 1000 बेटियां दहेज की वजह से मौत के घाट उतार दी गईं।
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