Kohramlive : शनिवार दोपहर 3:30 बजे म्यांमार की धरती फिर थर्रा उठी। रिक्टर स्केल पर 5.1 तीव्रता के इस झटके ने दहशत और बढ़ा दी। बीते 48 घंटों में 5.0 से ज्यादा तीव्रता के तीन बड़े भूकंप आ चुके हैं, जिससे पूरे देश में त्राहिमाम मचा हुआ है। बीते शुक्रवार सुबह 11.50 बजे आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने म्यांमार में भारी तबाही मचाई। USGS (यूनाइटेड स्टेट जियोलॉजिकल सर्वे) ने अंदेशा जताया है कि मरने वालों की संख्या 10,000 से भी ज्यादा हो सकती है। इस भीषण भूकंप के झटके थाईलैंड, बांग्लादेश, चीन और भारत तक महसूस किये गये। सरकारी आंकड़े के मुताबिक अबतक 1,002 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 2,400 से ज्यादा लोग घायल हैं। बैंकॉक (थाईलैंड) में 30 मंजिला इमारत ढही, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई। विशेषज्ञों का कहना है कि म्यांमार और थाईलैंड में पिछले 200 वर्षों में यह सबसे शक्तिशाली भूकंप है। तबाही इतनी भीषण है कि म्यांमार के 6 राज्यों और पूरे थाईलैंड में इमरजेंसी लगा दी गई है। इस बीच भारत संकटमोचक बन कर सामने आया है। म्यांमार की इस विपदा में भारत ने “ऑपरेशन ब्रह्मा” के तहत मदद का हाथ बढ़ाया है। यूपी के आगरा से 118 मेडिकल स्टाफ म्यांमार भेजे जायेंगे। भारतीय नौसेना के दो जहाज राहत सामग्री के साथ रवाना हो गये हैं। दो और जहाज जल्द भेजे जायेंगे। म्यांमार में मौजूद भारतीय राजदूत बचाव कार्यों के समन्वय में लगे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि “संकट की इस घड़ी में सबसे पहले मदद करना भारत की विदेश नीति का अहम हिस्सा है।”
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