Kohramlive : वो एक ठंडी रात थी, चांद बादलों में छिपता-निकलता जा रहा था। प्रिया, जो दिनभर की भागदौड़ के बाद बिस्तर पर गई थी, अचानक नींद से हड़बड़ा कर उठी। उसने देखा—उसका पैर सुन्न (Health News) हो चुका था, मानो किसी ने उसकी नसों को जकड़ लिया हो। उसने घबराकर अपने पैर को मलना शुरू किया, लेकिन मन में सवाल उठा—ये आखिर हुआ क्यों? ये कहानी सिर्फ प्रिया की नहीं, हममें से कई लोगों की है। जब हम गलत पोजीशन में बैठते हैं या सोते हैं, तो शरीर के कुछ हिस्सों में झुनझुनी या सुन्नता आ जाती है। कुछ देर बाद सब ठीक भी हो जाता है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कई बार यह शरीर के अंदर छिपी हुई किसी बड़ी परेशानी का संकेत भी हो सकता है।
तो आखिर क्यों होते हैं हाथ-पैर सुन्न? (Health News)
- विटामिन B12 और B6 की कमीः शरीर में पोषण की कमी हो तो नसें कमजोर हो जाती हैं, और झुनझुनी या सुन्नता का एहसास होने लगता है।
- ब्लड सर्कुलेशन की रुकावटः जब खून सही से नसों तक नहीं पहुंचता, तब अंग सुन्न पड़ने लगते हैं।
- गलत पोजीशन में सोना या बैठनाः अगर आप देर तक एक ही जगह बैठे हैं या पैर पर पैर चढ़ाकर बैठे हैं, तो भी नसें दब जाती हैं और सुन्नता महसूस होती है।
- न्यूरोपैथी या मधुमेह का खतराः अगर यह समस्या बार-बार होती है, तो इसे हल्के में मत लीजिये। यह डायबिटीज़ या नसों से जुड़ी बीमारियों की ओर इशारा कर सकता है।
क्या करें?
- अपने खाने में हरी सब्जियां, फल, दूध और सूखे मेवे शामिल करें, जिससे शरीर को जरूरी विटामिन मिलें।
- हर दिन थोड़ा योग और एक्सरसाइज करें ताकि ब्लड सर्कुलेशन सही बना रहे।
- अगर हाथ-पैर बार-बार सुन्न हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
कभी-कभी छोटी-छोटी बातें ही बड़े खतरे की आहट होती हैं। इसलिए शरीर के इन संकेतों को नजरअंदाज मत कीजिये। कहीं ऐसा न हो कि जो चीज आज मामूली लग रही है, वही कल एक बड़ी परेशानी बन जायें। ख्याल रखिये, क्योंकि सेहत ही असली दौलत है।
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