Ranchi : राजधानी रांची के आसमां में झांकते बादल, चौक-चौराहों पर गहमा-गहमी और शहर की धड़कनों में मां दुर्गा के स्वागत की आहट समा चुकी है। इसी उमंग और उत्साह के बीच शनिवार को समाहरणालय सभागार में बैठक हुई, जहां प्रशासन और समाज ने मिलकर संकल्प लिया, “इस बार का दुर्गोत्सव भव्य, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण होगा।” रांची के DC मंजूनाथ भजंत्री और पुलिस कप्तान चंदन कुमार सिन्हा की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस केंद्रीय शांति समिति की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर पूजा समितियों के प्रतिनिधि तक, सभी एक छत के नीचे मौजूद थे। बैठक में सदस्यों ने अपनी-अपनी मांगें रखीं, साफ-सफाई, निर्बाध बिजली, जलापूर्ति, महिला आरक्षियों की तैनाती, पंडालों में बैरिकेडिंग और विसर्जन वाहनों की व्यवस्था। ग्रामीण अंचल से आने वाले श्रद्धालुओं के लिये सिटी बसों की सुविधा का भी आग्रह हुआ। हर आवाज के पीछे चिंता थी, श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
DC ने साफ कहा कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पंडालों में CCTV, वॉलिंटियर्स की पहचान, और फायर सेफ्टी अनिवार्य होगी। बिना पुलिस बल के विसर्जन नहीं होगा। सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और भड़काऊ संदेशों पर विशेष निगरानी रखी जायेगी। श्रेष्ठ समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था करने वाली समितियों को पुरस्कार भी मिलेगा। पुलिस कप्तान ने समितियों को प्रशासन की आंख, कान और पैर बताते हुये कहा कि शांति और भाईचारा ही असली जीत है। धर्म के नाम पर माहौल बिगाड़ने वालों को कतई बख्शा नहीं जायेगा। बैठक में तय हुआ कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिये विशेष इंतज़ाम होंगे। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन सर्विलांस और ट्रैफिक प्रबंधन की विशेष योजना बनेगी। पंडालों की सजावट और रोशनी में जहां भक्त मां के दरबार का आनंद लेंगे, वहीं पुलिस और प्रशासन की पैनी नजर सुरक्षा का कवच बनायेगी। बैठक के अंत में एक सदस्य ने भावुक स्वर में कहा कि “दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, यह सामाजिक एकता का प्रतीक है। जब ढाक की ताल बजेगी और मां के जयकारे गूंजेंगे, तब पूरी रांची एक परिवार बन जायेगी।”












