Chatra : चतरा, लातेहार और पलामू के विभिन्न इकालों में आतंक का दूसरा नाम यानी खूंखार विरप्पन धरा गया। टीपीसी उग्रवादी संगठन में उसे रिजनल कमांडर का ओहदा हासिल है। लोग उसे भैरव गंझु उर्फ भास्कर उर्फ आक्रमण के नाम से भी जानते हैं। विरप्पन के खिलाफ पुलिस फाइल में कुल 16 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट जैसे संगीन मामले शामिल हैं। साल 2017 में लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र के मकरा के अभिमन्यु सिंह की पत्नी और बेटी को बड़ी बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद से लोग इसके नाम से भी कांपने लगे थे। कई बार पुलिस से इसकी मुठभेड़ भी हुई पर वह बच निकलता था। पुलिस काफी दिनों से इसकी तलाश कर रही थी।

बीते 31 अगस्त को चतरा पुलिस कप्तान राकेश रंजन को खबर मिली कि सिमरिया थाना इलाके के कासीयातू जंगल में खूंखार आक्रमण गंझु पहुंचा हुआ है। उसके साथ कई और कमांडर भी पहुंचे हुए हैं। सभी हथियार से लैस हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में जुटे हैं। मिली सूचना को एसपी ने गंभीरता से लिया। बिना समय गंवाये सिमरिया एसडीपीओ अशेक कुमार प्रियदर्शी की देखरेख में एक अभियान टीम का गठन कर दिया। जिसमें सिमरिया थाना की पुलिस और सीआरपीएफ की क्यूआरटी टीम को शामिल किया गया। गठित टीम ने कासीयातु जंलग में धावा बोला और विरप्पन को हथियार के साथ दबोच लिया। विरप्पन के पास से बरामद हथियार देख पुलिस दंग रह गई। उसके पास से अमेरिकन मेड M4A15.56 एमएम राइफल और उसकी तीन मैगजीन मिली। यह हथियार अमेरिकी सोना इस्तेमाल करती है। इसके अलावा एक 5.56 एमएम इंसास राइफल, 5.56 एमएम की 230 राउंड जिन्दा गोलियां, Ok72 लिखा हुआ 7.62 एमएम की 472 राउंड जिन्दा गोलियां और दो पीस एम्युनेशन पाउच को पुलिस ने जब्त किया। जोनल कमांडर खूंखार विरप्पन को दबोचने में सिमरिया एसडीपीओ असोक कुमार प्रियदर्शी, सिमरिया थानेदार विवेक कुमार, एसआई रामदेव वर्मा, अनिल कुमार की सराहनीय भुमिका रही।
इसे भी पढ़ें : रेंटर ने मारी मकान मालिक को गोली… देखें क्यों
इसे भी पढ़ें : लॉ यूनिवर्सिटी गर्ल्स हॉस्टल में अब बुरी नजर गई तो क्या होगा… जान लें






