Ranchi : रांची की सांझ ने उस दिन एक ऐसा राज़ अपने आंचल में समेट लिया, जिसे जानकर अच्छे-अच्छों की रूह कांप जाये। धुर्वा के गरसूल तालाब के पास जब दो जवान लाशें मिलीं, तो पुलिस भी सन्न रह गई। दो भाई…ख़ुदिया मुंडा और उसका चचेरा भाई लुका। जिनकी उम्र अभी बचपन और जवानी के बीच झूल रही थी, धारदार हथियारों से मौत की नींद सुला दिये गये थे।
एक लड़की, एक राज़ और फिर खून की होली…
लगभग 17 साल के ख़ुदिया मुंडा ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसके किये गये एक कृत्य का हिसाब उसे ज़िंदगी से चुकाना पड़ेगा। इल्जाम है कि ख़ुदिया ने एक लड़की के साथ दुष्कर्म किया। लड़की ने अपने प्रेमी से अपने साथ हुये दुष्कर्म की कहानी कही। और फिर, इश्क में पागल आशिक ने ऐसा जाल बुना कि खुदिया को मौत की नींद सुला दिया गया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई…
जैसे हर गवाह को मिटा दिया जाता है, वैसे ही खुदिया के मासूम चचेरे भाई लुका मुंडा (16) को भी मार दिया गया। उसका कुसूर बस इतना था कि उसने अपने भाई की हत्या अपनी आंखों से देख ली थी।
फरेब से रची गई मुलाक़ात
पुलिस के मुताबिक, खुदिया को लड़की ने खुद रांची बुलाया। उसे क्या पता था कि यह बुलावा आख़िरी होगा। लड़की का प्रेमी और उसके साथी पहले से घात लगाये बैठे थे। खुदिया मारा गया, और फिर उसका भाई भी। DIG सह SSP चंदन कुमार सिन्हा ने जब इस मामले का खुलासा किया, तो शहर भर में एक सन्नाटा सा छा गया। एक आरोपी पकड़ा गया है, बाकी पांच अब भी पुलिस की गिरफ़्त से बाहर हैं। जिनमें वो युवती भी शामिल है, जिसने इस कहानी की शुरुआत की थी।
मौत का न्योता…
4 मई की शाम, खूंटी का खुदिया और लुका अपने चाचा के श्राद्ध का न्योता देने स्कूटी से निकले थे। मगर उन्हें क्या पता था कि जीवन की यह अंतिम यात्रा होगी। 5 मई की रात, उनकी लाशें गरसूल तालाब के पास मिलीं — गले पर गहरे घाव और जेब में कुछ ऐसा, जो सवालों को जन्म देता है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले की गहराई से जांच की जाए तो चौंकाने वाले मामले सामने आ सकते हैं।














