Kohramlive : हमारे घर का मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं होता, ये घर की आत्मा होता है, जहां शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ चीजें अगर मंदिर में गलती से भी रख दी जायें, तो वही जगह जो आशीर्वाद का केंद्र है, क्लेश का कारण बन सकती है! आइये जानें, मंदिर में किन वस्तुओं को कभी नहीं रखना चाहिये..
टूटी या खंडित मूर्तियां न रखें
अगर किसी देवी-देवता की मूर्ति का कोई हिस्सा टूट जाये, तो उसे तुरंत हटा दें। खंडित मूर्ति रखने से नकारात्मक ऊर्जा फैलती है और पूजा का फल अधूरा रह जाता है। उसे किसी मंदिर या पीपल के पेड़ के नीचे आदर के साथ रख दें,
या फिर पवित्र नदी में विसर्जित कर दें।
नुकीली वस्तुयें रखें दूर
मंदिर में शांति और सौम्यता का वातावरण होना चाहिये। लेकिन कई बार लोग वहां कैंची, चाकू, सुई जैसी चीजें रख देते हैं। वास्तु के अनुसार, ये वस्तुयें कलह और तनाव का कारण बनती हैं। इसलिए इन्हें पूजा घर से हमेशा दूर रखें।
एक से अधिक शंख न रखें
शंख मां लक्ष्मी का प्रतीक है। लेकिन वास्तु कहता है, मंदिर में केवल एक ही शंख रखें। एक से ज्यादा शंख रखने से देवी लक्ष्मी की कृपा कम हो जाती है। शंख को रोज साफ रखें और पूजा के समय उसकी ध्वनि से वातावरण को पवित्र करें।
गंदे कपड़े या झाड़ू कभी न रखें
कई बार सफाई के दौरान लोग झाड़ू या पुराने कपड़े मंदिर के पास रख देते हैं। लेकिन ऐसा करना देवी-देवताओं के अपमान के समान माना गया है। पूजा घर को हमेशा स्वच्छ और सुगंधित रखें, क्योंकि वहीं से घर में शांति और लक्ष्मी का प्रवेश होता है।
माचिस या जली तिल्ली से करें परहेज
वास्तु शास्त्र के अनुसार, माचिस और जली हुई तिल्ली घर की सकारात्मक ऊर्जा को सोख लेती हैं। उन्हें पूजा घर के आस-पास रखना अशुभ प्रभाव डाल सकता है। याद रखिये, मंदिर में स्वच्छता, श्रद्धा और शुद्ध ऊर्जा का होना ही सच्ची पूजा है। थोड़ी सी सावधानी, और आपके घर में हर सुबह ईश्वर की कृपा के साथ एक नई रोशनी फैलेगी।






