Garhwa (Nityanand Dubey) : कड़ाके की ठंड, सन्नाटे में डूबी सड़कें और ठिठुरती रात। तब ज्यादातर लोग रजाई में दुबके थे, तब मानवता की एक तस्वीर शहर की गलियों में चलती नजर आई। DLSA (जिला विधिक सेवा प्राधिकार) की सचिव निभा रंजना लकड़ा देर रात खुद सड़कों पर उतरीं और बेसहारा लोगों के लिये सहारा बन गईं। झालसा के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष मनोज प्रसाद के मार्गदर्शन में DLSA की यह पहल उनलोगों को सुकून दे गई, जिनकी रातें फुटपाथ और बस स्टैंड पर गुजरती हैं। DLSA सचिव के नेतृत्व में टीम ने शहर के स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों का दौरा किया। जहां-जहां ठंड से कांपते चेहरे दिखे, वहां अपने हाथों से कंबल ओढ़ाकर सुकून पहुंचाया गया। आधी रात मिली इस मदद ने बुजुर्गों, महिलाओं और बेसहारा लोगों के चेहरों पर राहत की मुस्कान ला दी। कई लोगों ने कांपते हाथों से कंबल पकड़ा और आंखों में कृतज्ञता झलक उठी।
DLSA सचिव निभा रंजना लकड़ा ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकार सिर्फ कानून तक सीमित नहीं है। मानवता की सेवा भी हमारा दायित्व है। इस ठंड में कोई भी व्यक्ति असुरक्षित न रहे, यही हमारी कोशिश है। कंबल वितरण के दौरान लोगों को सरकारी रेन बसेरों के बारे में बताया गया और अपील की गई कि वे खुले में सोने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर जायें, ताकि ठंड से होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके। सेवा के इस अभियान के दौरान जरूरतमंदों को उनके विधिक अधिकारों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि भोजन, आश्रय या न्याय से जुड़ी किसी भी समस्या में वे DLSA कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। मौके पर DLSA के कर्मचारी और PLV सदस्य मौजूद रहे।






