New Delhi : हाल ही में केरल, गुजरात, पंजाब और पश्चिम बंगाल के पांच विधानसभा उपचुनावों में भारत निर्वाचन आयोग ने नया डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET बेहतरीन तरीके से लॉन्च किया। अब वोटिंग से लेकर वोट गिनती तक का डाटा तेज, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल हो गया है। ECINET एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो आयोग के 40 से अधिक मोबाइल और वेब एप्लिकेशनों को एक जगह जोड़ता है। इसे 4 मई 2024 को लॉन्च किया गया था। यह पहल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर संधू व डॉ. विवेक जोशी की निगरानी में शुरू की गई।
ECINET के आने से क्या बदला, जानें…
पहले PRO (पीठासीन अधिकारी) वोटर टर्नआउट (VTR) मैन्युअली भेजते थे, अब सीधे मोबाइल से ECINET पर अपलोड होता है। इससे VTR की जानकारी तुरंत जनता के लिये उपलब्ध है। पारदर्शिता बढ़ी और रुझानों की स्पीड हुई बिजली जैसी। केवल 72 घंटे में इंडेक्स कार्ड जारी हुये। मतदान के सिर्फ 3 दिन बाद ही सभी उपचुनावों के इंडेक्स कार्ड ऑनलाइन अपलोड कर दिये गये। पहले यही काम हफ्तों और महीनों में होता था। अब ज्यादातर डेटा ECINET से ऑटो-फिल होता है, जिससे मानव त्रुटि घटती है और प्रक्रिया तेज होती है।
इंडेक्स कार्ड क्या है?
1980 के दशक से चुनाव आयोग ये रिपोर्ट बनाता है, जिसमें होता है, उम्मीदवारों का डाटा, वोट शेयर, लिंग आधारित मतदान पैटर्न, क्षेत्रवार प्रदर्शन व पार्टी और उम्मीदवारों का तुलनात्मक विश्लेषण। ये सभी रिपोर्ट अब eci.gov.in/statistical-reports की “bye-elections” टैब में उपलब्ध हैं।
ECINET का लक्ष्य
“मतदाता, शोधकर्ता, पत्रकार और नीति निर्माता, सभी को समय पर, सटीक और सार्वजनिक डेटा देना है।” ECINET ने चुनावी पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू कर दिया है।












