Kohramlive : भारत की नंबर–1 और दुनिया की टॉप–5 एयरलाइंस में शुमार इंडिगो अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर से जूझ रही है। करीब 2300 फ्लाइट्स रोज़ उड़ाने वाली इस दिग्गज एयरलाइन का मार्केट कैप मौजूदा संकट में 21,000 करोड़ रुपये तक पिघल गया है। इसी बीच संकट के 11वें दिन नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा एक्शन लेते हुये चार फ्लाइट इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। गुरुवार को ही इंडिगो ने परेशान यात्रियों के लिए रिफंड के बाद अतिरिक्त मुआवजे की घोषणा की थी और इसी दिन दूसरी बार CEO पीटर एल्बर्स DGCA के सामने पेश हुये।
लेकिन इसके बावजूद हालात अभी भी सामान्य नहीं। शुक्रवार को बेंगलुरु एयरपोर्ट से 54 उड़ानें रद्द, जबकि गुरुवार को दिल्ली-बेंगलुरु मिलाकर 200 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हो चुकी थीं। DGCA ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। एयरलाइन मुख्यालय में ही अफसरों की टीम मौजूद है। जांच समिति में जॉइंट DG संजय ब्रह्माने, डिप्टी DG अमित गुप्ता, वरिष्ठ FOI कपिल मंगलीक और FOI लोकेश रामपाल शामिल है। इन्हें बड़े पैमाने पर हुई ऑपरेशनल गड़बड़ियों की वजहें खोजना, HR प्लानिंग, फ्लक्चुएटिंग रोस्टर सिस्टम की समीक्षा, पायलटों के नये ड्यूटी और रेस्ट नियमों (1 नवंबर से लागू) का पालन जांचने जैसी जिम्मेदारी मिली है। DGCA का संदेश साफ है—“जड़ तक पहुंचकर गहन जांच होगी।”
10,000 रुपये तक के वाउचर का ऐलान
यहां याद दिला दें कि बीते कल एयरलाइन ने कहा कि 3, 4 और 5 दिसंबर को जिन यात्रियों को घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसा रहना पड़ा, भीड़ और ऑपरेशनल देरी से जिनका अनुभव खराब हुआ, उन्हें 10,000 रुपये के ट्रैवल वाउचर दिये जायेंगे। यह यात्रा वाउचर 12 महीने तक वैध रहेंगे। जो टिकट ट्रैवल पार्टनर प्लेटफॉर्म से लिये गये हैं, उनके रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ऐसे यात्री इंडिगो को ईमेल के जरिये जानकारी भेज सकते हैं।






