kohramlive desk : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार कोरोना से अनाथ हुए बच्चों और बेसहारा बुजुर्गों का सहारा बनेगी। कोरोना के चलते कमाने वाले सदस्यों को खोने वाले परिवारों की वित्तीय मदद भी करेगी। सभी यतीम हुए बच्चों की शिक्षा का एवं अन्य खर्च वहन करेगी। केजरीवाल ने यह भी कहा कि दिल्ली में संक्रमण की दर घटकर 12 प्रतिशत हुई। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के करीब 8,500 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लेकिन कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई खत्म नहीं हुई है और ढिलाई बरतने की गुंजाइश नहीं है।
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कई बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया
उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि कई बच्चों ने अपने माता-पिता को खो दिया। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं उनके लिए उपलब्ध हैं। अपने आप को अनाथ न मानें। सरकार उनकी पढ़ाई का खर्च एवं अन्य खर्च उठाएगी। ”
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कमानेवाला सदस्य खोनेवाले सभी परिवारों की मदद करेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि बुजुर्ग नागरिकों ने अपने बच्चों को खो दिया है। वे उनकी कमाई पर आश्रित थे। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि उनका बेटा (केजरीवाल) जीवित है। सरकार ऐसे सभी परिवारों की मदद करेगी जिन्होंने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया।
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पिछले 10 दिनों में 3000 बेड उपलब्ध
केजरीवाल ने कहा कि पिछले 10 दिनों में कोरोना वायरस मरीजों के लिए करीब 3,000 बिस्तर उपलब्ध हैं। हालांकि आईसीयू में बिस्तर अब भी लगभग भरे हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस दिशा में काम कर रहे हैं। करीब 1,200 और आईसीयू बिस्तरों को तैयार किया जा रहा है। ऑक्सीजन वाले बिस्तर तैयार किए जा रहे हैं और ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदे जा रहे हैं। हमें संक्रमण के मामले शून्य तक ले जाने हैं। हम ढील नहीं बरत सकते। हमें लॉकडाउन का सख्ती से पालन करना होगा।”












