RANCHI : रांची सेंट्रल जेल के अंदर बंद बबलू खान और एनामुल अंसारी में सौदेबाजी हुई थी। बबलू आमर्स एक्ट में और एनामुल चोरी के केस में मांडर से जेल गया था। पेशे से गरीब पेंटर एनामुल ने बबलू से कहा, भैया बहुत हालत खराब है। किसी तरह मदद कर जेल से बाहर निकालवा दीजिये। जमीन माफिया बबलू खान ने शर्त्त रख दी, जेल से बाहर निकलने के बाद उसे एक काम करना होगा। एनामुल ने तब हामी भर दी। जब दोनों जेल से बाहर निकले तो दोनों मिले। कई एहसान बबलू खान ने कर रखे थे, इस कारण एनामुल उसकी बात को टाल नहीं पाता था। एक दिन बबलू खान ने एनामुल को बुलाया और उससे कहा कि हरेन्द्र सिंह का काम तमाम कर दो। तब एनामुल यह कहते हुये वहां से निकल गया कि ठीक, हो जायेगा। एनामुल अपना काम तो नहीं कर पाया, पर यह जानकारी हरेन्द्र सिंह तक पहुंच गई कि बबलू खान उसे रास्ते से हटाना चाहता था। एक जमीन को लेकर बबलू खान और हरेन्द्र सिंह एक दूसरे के जानी दुश्मन बने हुये हैं।
राज बेनकाब हो जाने से खिसियाआ बबलू खान बीते 5 नवम्बर को दिन के 11 बजे एनामुल अंसारी को अपने घर बुलाया। उसका घर कांके थाना क्षेत्र के चंदवे में है। पहले एनामुल को खूब भला बुरा कहा गया। इसके बाद बबलू ने अपने सहयोगी सदाम उर्फ कांटा, अमित कुमार, टोनी लोहरा, विक्की, प्रदीप पाठक उर्फ गोलू एवं उताउल्ल उर्फ पेन्डी को हुक्म दिया कि अब एनामुल का काम तमाम कर दो। बबलू खान से कहते ही सब लोग बेस बांल बैट और हाकी स्टीक से बेदम उसे मारा। इसके बाद रस्सी से गला घोंट कर उसका खून कर दिया। एनामुल के साथ तब गये नानू अंसारी उर्फ नाईन अंसारी को भी पकड़ लिया गया। चश्मदीद गवाह नानू अंसारी का भी गला घोंट कर हत्या कर दी गई। इसके बाद दोनों की लाशें एक काले रंग की जिप्सी गाड़ी UP16AC 6435 पर लादी गई। दोनों की लाशें नगड़ी थाना क्षेत्र के नचियातू रिंग रोड के बगल में फेंक दी गई। मारे गये एनामुल का जूता और कपड़े आश्रम के पीछे जला दिया गया। वहीं हत्या में इस्तेमाल बैट और हाकी स्टीक गेतलसूद डैम के पास फेंक दी गई थी।
दिन यानी 6 नवम्बर को नगड़ी में एक साथ दो जनों की लाशें मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। उस दिन दोनों लाशें की पहचान नहीं हो पाई थी। रांची पुलिस कप्तान सुरेन्द्र झा ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया। एसआईटी टीम का गठन किया गया। लाशें की पहचान हो जाने के बाद यह खुलासा हुआ कि एनामुल अंसारी का दागी बबलू खान से गहरा ताल्लुकात था।एसआईटी ने सबसे पहले एनामुल हर उर्फ बबलू खान को गिरफ्तार किया गया। वह पूछताछ में टूट गया और अपना गुनाह कबूल कर लिया गया। बबलू खान के इकबालिया बयान के आधार पर उसके साथी सदाम उर्फ कांटा खान, अमित कुमार वर्मा (तीनों कांके) और टोनी लोहरा (रातू) को गिरफ्तार कर लिया गया। खून करने में इस्तेमाल किये गये बैस बांल बैट और हाकी स्टीक, जलाये गये कपड़े, जूते और घटना में इस्तेमाल जिप्सी व एक एसयूवी गाड़ी बरामद की गई है। इस कांड का खुलासा करने में कांके डीएसपी नीरज कुमार, मुख्यालय 2 डीएसपी प्रवीण कुमार सिंह, इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिन्हा, कांके इंस्पेक्टर नीरज कुमार, एएसआई विनोद कुमार, सुमन टुडू, बलेन्द्र कुमा, पिठोरिया के थानेदार रविशंकर, सिपाही देवराज राम, प्रवीण तिवारी, देवेन्द्र उरांव एवं अविनाश कुमार शामिल थे।
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