- अंतिम संस्कार के समय जाहिर हुई सच्चाई
kohramlive desk : बिहार में पटना के पीएमसीएच में एक अजीबोगरीब कारनामा सामने आया है। यहां एक जीवित व्यक्ति का डेथ सर्टिफिकेट बना दिया गया। परिजनों को शव भी सौंप दिया गया। दाह संस्कार के समय पता चला कि यह उस व्यक्ति का शव नहीं है।
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कथित डेड का चल रहा इलाज
श्मशान घाट पर जब परिजनों ने मृत शख्स का आखिरी बार चेहरा देखने की कोशिश की, तो पीपीई किट में लिपटा शव उस शख्स का था ही नहीं, जिसका वे अंतिम संस्कार करने पहुंचे थे।उस आदमी का इलाज पीएमसीएच में चल रहा है।
दिसंबर में टूटा था पैर
पटना जिले के बाढ़ के मोहमदपुर के रहने वाले चुन्नू कुमार का दिसम्बर 2020 में पैर टूट गया था। डॉक्टर ने ब्रेन हेमरेज होने की बात कही थी। परिजनों ने 9 अप्रैल को पीएमसीएच में भर्ती कराया।
कोरोना जांच में पाया गया पाजिटिव
एडमिट होने के वक्त मरीज का कोरोना टेस्ट कराया गया, जो पॉजिटिव आ गया। उसके बाद मरीज चुन्नू कुमार को कोरोना वार्ड में भर्ती किया गया। उस वार्ड में परिजनों को जाने नहीं दिया जाता है। रविवार की सुबह 10 बजे बताया गया कि मरीज की स्थिति खराब हो गई है।फिर एक घंटे बाद उन्हें मृत बताकर अस्पताल ने आनन-फानन में डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया और शव को पैक कर परिजन को सौंप दिया।
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बेटे ने पहचाना कि पिता का नहीं है शव
इसके बाद बांस घाट पर अंतिम संस्कार की सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। चुन्नू कुमार के बेटे ने मुखाग्नि देने के वक्त अपने पिता का चेहरा देखने की बात कही, फिर कपड़ा हटाया गया तो देखा कि वो उसके पिता नहीं हैं।
सही-सलामत हैं चुन्नू
आनन-फानन में लाश को फिर पीएमसीएच लाया गया और उस लाश को पोस्टमार्टम रूम में रख दिया गया। चुन्नू के परिजन परेशान हो गए कि उनके मरीज की लाश कहां है। फिर कोरोना वार्ड पहुंचे और जहां पता चला कि चुन्नू सही सलामत हैं।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
इस पर पीएमसीएच अधीक्षक आई एस ठाकुर ने कहा कि हमारे अस्पताल प्रबंधन के तरफ से गलती हुई है। इसकी जांच कराई जा रही है, जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त करवाई होगी। जिनका डेथ सर्टिफिकेट बनाया गया है वो व्यक्ति चुन्नू कुमार जिंदा है और ठीक है।
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