रांची : पिठोरिया बाजार में सोमवार को दिन दहाड़े सुरेश साहू उर्फ गिरिधारी साहू को मौत के घाट उतार दिया गया। लगभग 63 साल के सुरेश साहू घूम-घूमकर सब्जी बेचा करते थे। पहले माईक्रो फाइनांस में एजेंट थे। कंपनी के भाग जाने के बाद सब्जी बेचने का काम शुरू किया था। पिठोरिया बाजार में दिन दहाड़े हुई इस हत्या के बाद आसपास के लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। गुस्साये लोगों का इल्जाम था कि पिठोरिया में आये दिन वारदातें होती रहती है। अपराधियों में पुलिस का कोई डर नहीं। जब चाहा, जिसे चाहा, लूट-पीट और मार दिया। सुरेश साहू के कातिलों का नाम और ठिकाने के बारे में बताने पर भी अबतक कोई नहीं पकड़ा गया। मारे गये सुरेश के बेटे सरोज कुमार साहू का कहना है कि उनलोगों का पिठोरिया के अहीर टोला में एक पुराना मकान है। उनके मकान में सुबोध गोप और मंजू देवी रहती है। उनके पिता दोनों किरायेदारों से मकान खाली करने को कह रहे थे। सरोज का इल्जाम है कि उनके पिता को मकान बिक्री कर देने के लिये लगातार दबाव दिया जा रहा था। उन्हें मारने की भी धमकी दी जाती थी। इस बात की सूचना पहले भी पुलिस को दी गई थी।
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इधर, सोमवार की सुबह 6 बजे सुरेश साहू सब्जी लाने के इरादे से घर से निकले। बेटा सुरेश का कहना है कि सुबह 6:30 बजे उनके पिता का फोन आया कि एक युवक उनके साथ मारपीट कर रहा है। वहीं उन्हें जबरन अहीर टोला ले जा रहा है। यह सुनते ही सरोज भागा भागा पिठोरिया बाजार पहुंचा तो देखा उनके पिता खून से लथपथ होकर जमीन पर गिरे पड़े हैं। उन्हें तुरंत रिम्स ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सरोज ने अपने पिता के कातिलों के बारे में पुलिस को सबकुछ बता दिया है। उनके पिता ने फोन पर मारपीट करने वाले बदमाश का नाम उसे बताया था।
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