spot_img
spot_img
spot_img

मिनी महाबलेश्वर के नाम से जाना जाता है दापोली

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

कोहराम  लाइव डेस्क : महाराष्ट्र में है खूबसूरत बीच और मंदिरों का शहर दापोली। दापोली महाराष्ट्र का एक छोटा हिल स्टेशन है। यहां सालभर ठंडा मौसम रहता है। यहां कई किले, मंदिर और गुफाएं हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां का मौसम सालभर ठंडा रहता है। इस वजह से दापोली को मिनी महाबलेश्वर भी कहा जाता है।

दापोली महाराष्ट्र का एक छोटा हिल स्टेशन है। यहां साल भर ठंडा मौसम रहता है। यहां कई किले, मंदिर और गुफाएं हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां का मौसम साल भर ठंडा रहता है। इस वजह से दापोली को मिनी महाबलेश्वर भी कहा जाता है। कई महान हस्तियों जैसे लोकमान्य तिलक, साने गुरुजी, ढोंडो, महर्षि, केशव कार्वे और परंजापे का यहां निवास रहा है। यहां कई बीच, धरोहर स्थल और ऐतिहासिक इमारतें हैं। इसके अलावा यहां का सी फूड्स काफी स्वादिष्ट होने की वजह से मशहूर है। वीकेंड हॉलिडे के लिए यह जगह काफी उपयुक्त है। आइए यहां के कुछ प्रमुख स्थानों के बारे में बताते हैं।

दापोली  का केशवराज मंदिर

यह मंदिर पेशवा शैली की वास्तुकला का नमूना है। यहां का माहौल काफी शांति भरा है। केशवराज तक एक छोटा सा रास्ता जाता है जो नारियल, सुपारी, आम और काजू के पेड़ों के बीच से होकर गुजरता है। यहां गरम पानी का एक झरना भी है जिसके पानी में गंधक की महक आती है। दरअसल यह पानी गंधक के भूमिगत ढेर से होकर गुजरता है। कहा जाता है कि इस पानी में औषधीय गुण है और त्वचा की बीमारियां दूर हो सकती हैं। पास में घना जंगल, बगल की पहाड़ी पर भगवान शिव का मंदिर और छोटी सी नदी से पानी का बहाव इस भौगोलिक क्षेत्र को काफी खूबसूरती प्रदान करता है।

इसे भी पढ़ें :IIM CAT 2020 के लिए 28 अक्टूबर को जारी होगा एडमिट…

 हरनाई पोर्ट और बीच

जब आप लैंप पोस्ट से होकर गुजरेंगे तो आप फतेहगढ़ का किला, कनकदुर्ग और स्वर्णदुर्ग देख सकेंगे। पूरे कोंकण तट पर हरनाई लैंप पोस्ट सबसे पुराना और अहम लाइट हाउस है। आप लैंप पोस्ट के पास खड़े होकर बीच का नजारा और समुद्र में लंगर डाले जहाज को देख सकते हैं।दापोली तालुका के अंजारले गांव में एक गणेश मंदिर है जिसको कादीवार्चा गणपति कहा जाता है। अंजारले जॉग नदी के मुहाने पर एक छोटा सा पोर्ट है। यहां का गणेश मंदिर पूरे कोंकण क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है। यह मंदिर 12वीं सदी में बना था। साल 1630 से इस मंदिर की देखरेख का काम ‘निस्चर’ परिवार करता है। ऊंचाई पर स्थित मंदिर तक जाने के लिए पत्थर की सीढ़ियां बनी हैं। आप वहां से अरब सागर, सुवर्नदुर्ग किला हरनाई और नारियल के घने बागान को देख सकते हैं।

कैसे जाएं मिनी महाबलेश्वर

दापोली आप हवाई, रेल और सड़क, तीनों मार्ग से जा सकते हैं। हवाई मार्ग: रत्नागिरी डोमेस्टिक एयरपोर्ट सबसे करीबी एयरपोर्ट है जो दापोली से 127 किलोमीटर की दूरी पर है। रेल मार्ग: खेड़ रेलवे स्टेशन सबसे करीबी स्टेशन है जो दापोली से 29 किलोमीटर की दूरी पर है। सड़क मार्ग: दापोली तक सड़क मार्ग से जाना भी काफी सुविधाजनक है। दापोली मुंबई से करीब 220 किलोमीटर और पुणे से करीब 185 किलोमीटर की दूरी पर है।

इसे भी पढ़ें :BREAKING : Jammu-Kashmir में अब कोई भी खरीद सकेगा जमीन

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

भगवा रंग के कपड़े ही क्यों पहनते हैं साधु-संत, जानें रोचक कहानी…

Kohramlive : महाकुंभ (Mahakumbh 2025) में चारों तरफ साधु-संन्यासी...

लिफ्ट में क्यों लगा रहता है मिरर? वजह जानकर रह जायेंगे हैरान…

Kohramlive : मॉल, बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, ऑफिस और कई जगहों...

पिता की प्रॉपर्टी पर बेटी का कितना हक? क्या कहता है कानून… जानें

Kohramlive : आमतौर, ज्यादातर परिवार में देखा जाता है...

Aadhar Card का यहां हो सकता है बेजा इस्तेमाल

Kohramlive : जिंदगी का अहम हिस्सा बन गये आधार...

चंद रात की दुल्हन

Kohramlive : इंडोनेशिया के पहाड़ी क्षेत्र के एक गांव...